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Nirjala Ekadashi 2024: इन शुभ योग के बीच करें निर्जला एकादशी व्रत का पारण, मिलेगा पूजा का पूरा फल
Sat, 15 Jun 2024 06:08 PM IST
श्वेता सिंह
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता सिंह
Updated Sat, 15 Jun 2024 06:08 PM IST
सार
Nirjala Ekadashi 2024: 19 जून की सुबह निर्जला एकादशी मनाई जाएगी। इसी दिन योग सर्वार्थ सिद्धि, रवि योग और अमृत सिद्धि योग की स्थापना हुई थी। ये तीन शुभ योग 29 जून शाम 5:23 बजे से अगले दिन 30 जून शाम 5:24 बजे तक रहेंगे।
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निर्जला एकादशी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
Nirjala Ekadashi 2024: हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी व्रत को बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा है। यह जस्ता महीना 18 जून 2024 को मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि जो श्रद्धालु इस दिन व्रत रखते हैं उन्हें जीवन में कोई समस्या नहीं आती है। घर में धन-संपदा की भी कमी नहीं होती है। वहीं इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं जिनके बारे में हम आपको बताएंगे।
निर्जला एकादशी शुभ योग
इस साल निर्जला एकादशी 2024 पर एक साथ तीन शुभ योग बनेंगे। इसलिए यह दिन बेहद शुभ रहेगा। दरअसल इस दिन त्रिपुष्कर योग, शिव योग और स्वाति नक्षत्र का उत्तम संयोग बनता है। त्रिपुष्कर योग 18 जून को दोपहर 3:56 बजे से 19 जून को सुबह 5:24 बजे तक रहेगा।
अत: स्वाति नक्षत्र भोर से दोपहर 3:56 बजे तक रहता है। अन्यथा सुबह से रात्रि 9 बजकर 39 मिनट तक शिव योग रहेगा।
इन शुभ योगों में होता है पारण
19 जून की सुबह निर्जला एकादशी मनाई जाएगी। इसी दिन योग सर्वार्थ सिद्धि, रवि योग और अमृत सिद्धि योग की स्थापना हुई थी। ये तीन शुभ योग 29 जून शाम 5:23 बजे से अगले दिन 30 जून शाम 5:24 बजे तक रहेंगे। ऐसे में इस दिन पारण करने से अनंत फल की प्राप्ति होती है।
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निर्जला एकादशी पर क्या करें
निर्जला एकादशी पर क्या न करें
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निर्जला एकादशी शुभ योग
इस साल निर्जला एकादशी 2024 पर एक साथ तीन शुभ योग बनेंगे। इसलिए यह दिन बेहद शुभ रहेगा। दरअसल इस दिन त्रिपुष्कर योग, शिव योग और स्वाति नक्षत्र का उत्तम संयोग बनता है। त्रिपुष्कर योग 18 जून को दोपहर 3:56 बजे से 19 जून को सुबह 5:24 बजे तक रहेगा।
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अत: स्वाति नक्षत्र भोर से दोपहर 3:56 बजे तक रहता है। अन्यथा सुबह से रात्रि 9 बजकर 39 मिनट तक शिव योग रहेगा।
इन शुभ योगों में होता है पारण
19 जून की सुबह निर्जला एकादशी मनाई जाएगी। इसी दिन योग सर्वार्थ सिद्धि, रवि योग और अमृत सिद्धि योग की स्थापना हुई थी। ये तीन शुभ योग 29 जून शाम 5:23 बजे से अगले दिन 30 जून शाम 5:24 बजे तक रहेंगे। ऐसे में इस दिन पारण करने से अनंत फल की प्राप्ति होती है।
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निर्जला एकादशी पर क्या करें
- निर्जला एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित दिन है।
- निर्जला एकादशी के दिन आपको अपनी दिनचर्या में बदलाव करना होता है, जिसमें सूर्य निकलने से पहले उठकर स्नान करना बताया गया है।
- सूर्य निकलने से पहले उठकर स्नान करने के बाद भगवान विष्णु के निमित्त पूजा अर्चना और विधि अनुसार उनके निमित्त पाठ करना चाहिए।
- जो दंपत्ति निर्जला एकादशी के व्रत को करते हैं उन्हें पूर्ण रूप से ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
निर्जला एकादशी पर क्या न करें
- भूल कर भी निर्जला एकादशी के दिन काले वस्त्र नहीं पहनने चाहिए।
- यदि आपके द्वारा इन नियमों का पालन नहीं किया गया है तो आपको निर्जला एकादशी का फल प्राप्त नहीं होगा।
- जो व्यक्ति इन नियमों का पालन करता है भगवान विष्णु की कृपा उन पर सदैव बनी रहती है।