अन्नपूर्णा जयंती: भूलकर भी न करें अन्न का अपमान, करें इस दिन रसोई की पूजा
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मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा को अन्नपूर्णा जयंती मनाई जाती है। इस बार 3 दिसंबर को यह जयंती मनाई जा रही है। ऐसी मान्यता है एक बार जब पृथ्वी पर अन्न की कमी हो गयी थी, तब माँ पार्वती ने अन्न की देवी, माँ अन्नपूर्णा के रूप में प्रगट होकर पृथ्वी लोक पर अन्न उपलब्ध कराकर समस्त मानव जाति की रक्षा की थी। जिस दिन माँ अन्नपूर्णा की उत्पत्ति हुई, वह मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा थी। इसी कारण मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन अन्नपूर्णा जयंती मनाई जाती है। माता अन्नपूर्णा अन्न की देवी हैं। इस दिन अन्न का अनादर नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस दिन रसोई, चूल्हे, गैस आदि का पूजन करने से घर में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती और अन्नपूर्णा देवी की कृपा सदा बनी रहती है। अन्नपूर्णा जयंती के दिन माँ अन्नपूर्णा की पूजा की जाती है और इस दिन दान-पुण्य करने का विशेष महत्त्व है। इस दिन घर की गृहणियां चूल्हे पर चावल और मिठाई का प्रसाद लगाकर घी का दीपक जलाती है और बिना नमक का भोजन ग्रहण करना चाहिए।