Nag Panchami 2024: नाग पंचमी के दिन जरूर करें ये 3 काम, कालसर्प दोष से मिलेगी मुक्ति
Nag Panchami 2024: 9 अगस्त को नाग पंचमी मनाई जा रही है। इस दिन नाग देवता की पूजा करना अति शुभ होता है। इस दौरान व्रत रखने से मन से सभी तरह के डर भय दूर होते हैं। नाग देवता भोलेनाथ के गले की शोभा होते हैं। ऐसे में नाग की पूजा करने से भगवान शिव भी प्रसन्न होते हैं। वहीं इस साल की नाग पंचमी पर दुर्लभ योग बन रहा है। इन योग में नाग देवता की पूजा करने से हर इच्छा पूरी होती है। वहीं कुछ खास उपाय करने से कालसर्प दोष से मुक्ति भी मिलती हैं। इसी कड़ी में आइए इन उपायों के बारे में जान लेते हैं।
पूजा के लिए शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाई जाती है। इस दौरान पूरे दिन पूजा पाठ से जुड़ें कार्य किए जाते हैं। लेकिन विशेष पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 9 अगस्त को सुबह 5 बजकर 47 मिनट से 8 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। इस दौरान दोपहर में 12 बजकर 13 मिनट से 1 बजे तक का समय भी पूजा के लिए शुभ माना जा रहा है। इसके बाद प्रदोष काल में भी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम को 6 बजकर 33 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 20 मिनट तक है।
नाग पंचमी पर करें ये 3 काम
पांच नागों की पूजा
नाग पंचमी के शुभ दिन पर आप पांच नागों की पूजा करें। इनमें शेषनाग, वासुकी, तक्षक, कुर्माक और पद्म का नाम शामिल है। माना जाता है कि इससे कालसर्प दोष दूर होता है। इस दौरान आप नागों की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित कर सकते हैं।
नाग-नागिन की पूजा
यदि आपकी कुंडली में कालसर्प दोष है, तो ये दिन आपके लिए बेहद खास है। आप नाग पंचमी के शुभ अवसर पर चांदी से बने नाग-नागिन की पूजा करें। इस दौरान आप सबसे पहले एक थाली लें, फिर उसमें इस जोड़े को रखकर सांप को कच्चा दूध चढ़ाएं। पूजा के दौरान 'ऊं नागेंद्रहाराय नमः' मंत्र का जाप करते रहें। बाद में इस जोड़े को शिवलिंग पर अर्पित कर दें। कहा जाता है कि इससे काल सर्प दोष दूर होने लगता है।
पहनें ये अंगूठी
इस दौरान आप चांदी से बनी हुई नाग-नागिन आकृति वाली अंगूठी भी पहन सकते हैं। ऐसा करने से काल सर्प दोष का प्रभाव कम होता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।