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Masik Shivratri 2021: सावन मासिक शिवरात्रि का महत्व, तिथि, शुभ मुहूर्त और मंत्र

Thu, 05 Aug 2021 05:38 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विनोद शुक्ला Updated Thu, 05 Aug 2021 05:38 PM IST
सार

हिंदू पंचांग के अनुसार मासिक शिवरात्रि पूजा के लिए रात्रि का समय बहुत ही अच्छा माना गया है जिसे निशिता काल कहा जाता है। इस मुहूर्त में शिवलिंग पर जलाभिषेक का विशेष महत्व होता है।

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masik shivaratri 2021 date significance puja vidhi mantra and shubh muhurat kab hai
मासिक शिवरात्रि 2021

विस्तार

शिवरात्रि का त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-आराधना के लिए विशेष महत्व का माना गया है। मासिक शिवरात्रि हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मनाई जाती है। इसके लावा फाल्गुन माह में भी शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है जिसे महाशिवरात्रि कहा जाता है। शिवरात्रि का अर्थ होता है शिव की रात्रि। हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार सावन माह की शिवरात्रि शुक्रवार, 06 अगस्त 2021 को है। सावन के महीने की शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। जिसमें उपवास रखकर भोलेनाथ और माता पार्वती की पूजा करते हैं। आइए जानते हैं सावन माह की शिवरात्रि की तिथि, समय, पूजा मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व....

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सावन शिवरात्रि तिथि और तारीख
कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली मासिक शिवरात्रि इस बार सावन महीने की 06 अगस्त को है। हिंदू पंचांग के अनुसार चतुर्दशी तिथि 06 अगस्त को शाम 06 बजकर 28 मिनट पर आरंभ हो जाएगी। चतुर्दशी तिथि अगने दिन यानी 07 अगस्त को शाम के 07 बजकर 11 मिनट पर सामाप्त हो जाएगी। 
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सावन मासिक शिवरात्रि पूजा विधि
हिंदू पंचांग के अनुसार मासिक शिवरात्रि पूजा के लिए रात्रि का समय बहुत ही अच्छा माना गया है जिसे निशिता काल कहा जाता है। इस मुहूर्त में शिवलिंग पर जलाभिषेक का विशेष महत्व होता है। मासिक शिवरात्रि पर शिवभक्त इस दिन विशेष रूप से शिवलिंग पर बेलपत्र, गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद और फूल चढ़ाया जाता है। इसके अलावा शिव आरती,भजन और शिव चालीसा का पाठ करके अंत में प्रसाद का वितरण किया जाता है। अगले दिन उपवास का पारण किया जाता है।
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मासिक शिवरात्रि मंत्र
मासिक शिवरात्रि पर ओम नम: शिवाय: मंत्र का जाप कर व्रत करें।

मासिक शिवरात्रि का महत्व 
मासिक शिवरात्रि का व्रत रखने, शिवमंत्र, शिव चालीसा और भगवान शिव की सच्चे मन से आराधना करने से सभी मनोमनाएं पूरी होती हैं। इस दिन शिव मंदिरों में विशेष पूजा-पाठ किया जाता है। गंगाजल से शिवलिंग पर जलाभिषेक कर हर तरह की मनोकामना की पूर्ति के लिए भगवान शिव का आशीर्वाद लिया जाता है। इस दिन व्रत करने से हर मुश्किल कार्य आसान हो जाता है और जातक की सारी समस्याएं दूर होती हैं। 

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