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Makar Sankranti 2025: मकर संक्रांति आज, जानें उत्तरायण का महत्व

Tue, 14 Jan 2025 10:06 AM IST
श्वेता सिंह गुंजन वार्ष्णेय, ज्योतिषाचार्य
गुंजन वार्ष्णेय, ज्योतिषाचार्य Published by: श्वेता सिंह Updated Tue, 14 Jan 2025 10:06 AM IST
सार

Makar Sankranti 2025: उत्तरायण का काल देवताओं का दिन तथा दक्षिणायन देवताओं की रात्रि है। उत्तरायण में नूतन गृह प्रवेश, निर्माण, देव प्रतिष्ठा, साधना, सकाम यज्ञ आदि अनुष्ठानों के लिए प्रशस्त कहा गया है। सूर्य की उत्तरायण गति व्यक्ति की मानसिक और शारीरिक ऊर्जा को सकारात्मक रूप से प्रभावित करती है, जिसके कारण शरीर में सक्रियता आती है।

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Makar Sankranti 2025 Time daan upay mahatv in hindi
Makar Sankranti 2025 - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

Makar Sankranti 2025 Daan Upay Mahatv: धर्मशास्त्रों के अनुसार, मनुष्य शरीर पाकर यदि व्यक्ति धर्म का उपार्जन और मोक्ष प्राप्ति के लिए प्रयास न करे तो उसका जीवन धारण करना ही व्यर्थ है। धन-दौलत, भौतिक सुख केवल इस जन्म तक ही मनुष्य का साथ देते हैं, परंतु धर्म-अध्यात्म, पुण्य बल की शक्ति मनुष्य को मोक्ष दिलाकर जन्म-मरण के चक्र से मुक्त कराती है। इसके लिए उत्तरायण सूर्य को अतिउत्तम माना गया है, जो कि मकर राशि में सूर्य के प्रवेश यानी मकर संक्रांति से प्रारंभ हो जाता है। इस अवधि की प्रतीक्षा भीष्म पितामह ने बाणों की मृत्यु शैया पर रहकर की थी, जो कि मकर संक्रांति और उत्तरायण सूर्य के विशेष महत्व को बताती है

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Makar Sankranti 2025 Time daan upay mahatv in hindi
Makar Sankranti 2025 - फोटो : अमर उजाला

उत्तरायण है महत्वपूर्ण
‘उत्तरायण’ की अवधि देवताओं का दिन तथा दक्षिणायन देवताओं की रात्रि है। देवताओं के दिन उत्तरायण में नूतन गृह प्रवेश, निर्माण, देव प्रतिष्ठा, साधना, सकाम यज्ञ आदि अनुष्ठानों के लिए प्रशस्त कहा गया है। यहां तक कि मृत्यु के लिए भी उत्तरायण की विशेषता शास्त्रों में वर्णित है। श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं-
अग्निर्ज्योतिरहः शुक्ल षण्मासा उत्तरायणम्।
तत्र प्रयाता गच्छन्ति ब्रह्म ब्रह्मविदो जनाः।।
   (अध्याय 8, श्लोक 24)


जो ब्रह्मवेत्ता योगी उत्तरायण सूर्य के 6 माह, दिन के प्रकाश, शुक्ल पक्ष आदि में प्राण छोड़ता है,

वह ब्रह्म को प्राप्त होता है। वैदिक काल में उत्तरायण को ‘देवयान’ तथा दक्षिणायन को ‘पितृयान’ कहा जाता था। उत्तरायण सूर्य के महत्व को लेकर महाभारत का एक आख्यान विख्यात है। जब भीष्म पितामह युद्ध में क्षत-विक्षत होकर बाणों की शैया पर मृत्यु के निकट अपने जीवन की अंतिम सांसें ले रहे थे तो पांडवों में सहदेव, जो कि ज्योतिष विद्या के जानकार थे, उनके कहने पर कि “इस समय दक्षिणायन चल रहा है”, भीष्म पितामह ने अपने प्राणों को उत्तरायण की प्रतीक्षा में काफी समय तक रोके रखा और दक्षिणायन के बाद उत्तरायण में ही देह त्याग किया।
 

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मकर संक्रांति पर गंगा स्नान - फोटो : Amar Ujala

देव आते हैं धरती पर
कहा जाता है कि मकर संक्रांति के दिन यज्ञ में दी गई मंत्र-आहुतियों को प्राप्त करने के लिए देवता धरती पर अवतरित होते हैं। इस बार तीर्थराज प्रयागराज में महाकुंभ का प्रथम शाही स्नान मकर संक्रांति पर होगा। हालांकि पौष पूर्णिमा से माघ महाकुंभ स्नान का शुभारंभ हो चुका है, लेकिन मकर संक्रांति के दिन स्नान, दान का विशेष महत्व है। साधु, संत, शाही अखाड़ों से लेकर आम जनमानस तक ‘मकरे अर्कः’ के इस अतिविशिष्ट मुहूर्त में स्नान, ध्यान आदि यौगिक क्रिया कर मोक्ष की सुगमता प्राप्त करेंगे। इसी मार्ग से पुण्य आत्माएं शरीर को छोड़कर स्वर्ग आदि लोकों में प्रवेश करती हैं।

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Makar Sankranti 2025 - फोटो : संवाद

रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास
सूर्य की उत्तरायण गति व्यक्ति की मानसिक और शारीरिक ऊर्जा को सकारात्मक रूप से प्रभावित करती है, जिसके कारण शरीर में सक्रियता आती है। ऋषि-महर्षियों ने प्रकृति के नियम एवं पर्वों के महत्व के पीछे छुपे वैज्ञानिक आधार के चलते मकर संक्रांति के दिन तिल और गुड़ का दान तथा सेवन करने की परंपरा बनाई। इस मौसम में तिल और गुड़ जैसी उष्मा प्रदान करने वाली वस्तुओं का सेवन स्वास्थ्य के लिए उत्तम रहता है। तिल और गुड़ में कई पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। तिल और गुड़ रक्त संचार को बेहतर बनाते हैं, जिससे शरीर में गर्मी बनी रहती है और ठंड से बचा जा सकता है। तिल और गुड़ पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाते हैं। तिल में कैल्शियम होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है और महिलाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। तिल कैल्शियम और आयरन का प्रमुख स्रोत है, जबकि गुड़ खून को साफ करता है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है।

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Makar Sankranti 2025 - फोटो : अमर उजाला

तिल दान, ग्रह शांत
मकर संक्रांति पर मंदिरों एवं पवित्र नदियों के घाट, तीर्थ आदि पर तिल का दान ग्रहों की शांति के लिए भी किया जाता है। काले तिल का दान मकर संक्रांति पर शनि, राहु, केतु की अनिष्ट पीड़ा को शांत करता है, वहीं सफेद तिल का दान चंद्र, शुक्र की अनुकूलता दिलाता है। इस प्रकार घी, गुड़, तिलकुट आदि पदार्थों का दान उनसे संबंधित ग्रहों की पीड़ा को शांत कर जीवन में सुख का मार्ग प्रशस्त करता है। साथ ही मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी दान एवं सेवन करना फायदेमंद रहता है, क्योंकि खिचड़ी एक संपूर्ण भोजन है, जिसमें सभी पोषक तत्व मौजूद होते हैं। खिचड़ी एक सात्विक एवं पौष्टिक आहार है। इसमें चावल, दाल और सब्जियों का संतुलित मिश्रण होता है। यह शरीर को प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फाइबर आदि प्रदान करती है, इसलिए खिचड़ी का दान और सेवन मकर संक्रांति की परंपरा है।

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Makar Sankranti 2025 - फोटो : amar ujala

क्या करना चाहिए
इस दिन पवित्र नदियों अथवा तीर्थ स्नान, पुण्य, दान, जप, धार्मिक अनुष्ठानों का बहुत महत्व है। मान्यताओं के अनुसार, इस अवसर पर किया गया दान ‘पुनर्जन्म’ होने पर सौ गुना होकर प्राप्त होता है। पौराणिक ग्रंथों में तिल के तेल से स्नान, तिल का उबटन लगाना, तिल से होम करना, तिल का जल पीना, तिल से बने पदार्थ खाना और तिल का दान करना, ये छह कर्म तिल से ही होने का विधान मिलता है। इसके अतिरिक्त चंदन से अष्टदल का कमल बनाकर उसमें सूर्य नारायण की मूर्ति स्थापित करके उनका विधिपूर्वक पूजन करना चाहिए। मकर संक्राति पर घी और कंबल दान करने का भी विशेष माहात्म्य है। मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाने की भी परंपरा है। मकर संक्रांति से प्रकृति में नई ऊर्जा का संचार होता है।

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Makar Sankranti 2025 - फोटो : adobe stock

विशेष उपाय
मकर संक्रांति के दिन प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान आदि कर सूर्य भगवान का नमन कर आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें और सूर्य को तांबे के लोटे में लाल पुष्प, अक्षत आदि डालकर अर्घ्य दें, मनोकामना पूर्ति के लिए प्रार्थना करें। जिन लोगों की जन्म-पत्री में सूर्य लग्नेश, पंचमेश अथवा भाग्येश होकर शुभ स्थान पर बैठे हों, वे मकर संक्रांति पर सूर्य का रत्न माणिक्य सोने की अंगूठी में बनवाकर दाहिने हाथ की अनामिका उंगली अथवा गले में धारण करें।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

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