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Makar Sankranti 2019 : आज मनाई जा रही है मकर संक्रांति, जानिए इससे जुड़ी 6 खास बातें

Tue, 15 Jan 2019 08:06 AM IST
Madhukar Mishra धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: Madhukar Mishra Updated Tue, 15 Jan 2019 08:06 AM IST
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Makar Sankranti 2019 know importance of Makar Sankranti
मकर संक्रांति 2019

साल 2019 की मकर संक्रान्ति इस बार 14  जनवरी के बजाय 15 जनवरी को मनाई जा रही है। ज्योतिष और धार्मिक मान्यता के अनुसार जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है तब मकर संक्रान्ति मनाई जाती है। दरअसल इस बार सूर्य मकर राशि में 14 तारीख की रात को प्रवेश कर रहा है इसलिए  मकर संक्रांति अगले दिन 15 जनवरी को मनाई जाएगी। मकर संक्रांति मनाए जाने के पीछे कई कारण जिसे बहुत ही कम लोग जानते हैं।   

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- मकर संक्रांति पर सूर्य उत्तरायण गति में विचरण करने लगते हैं मकर संक्रांति से पहले सूर्य दक्षिणायन गति में होते हैं। सूर्य के उत्तरायण में होने से सभी तरह के शुभ और मांगलिक कार्य शुरू हो जाते है।  

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- धार्मिक मान्याताओं के अनुसार मकर सक्रांति के दिन सूर्य अपने पुत्र शनि के घर एक महीने के लिए आते हैं, मकर राशि का स्वामी शनि है इस लिहाज से मकर संक्रांति बहुत खास हो जाती है। ज्योतिष में शनि अपने पिता से बैरभाव रखते हैं लेकिन मकर संक्रांति पर पिता और पुत्र का मिलन होता है।ज्योतिषीय दृष्टि से सूर्य और शनि का तालमेल संभव नहीं है।
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- मान्यता के अनुसार मकर संक्रांति के दिन भगवान विष्णु ने मधु कैटभ से युद्ध समाप्ति की घोषणा की थी। उन्होंने मधु के कंधे पर मंदार पर्वत रखकर उसे दबा दिया था। भगवान विष्णु के असुरों पर विजय प्राप्ति को मकर संक्रांति के पर्व के रूप में भी मनाया जाता है।

- कठोर तप कर गंगा को धरती पर लाने वाले राजा भागीरथ ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण किया था। उनका तर्पण स्वीकार करने के बाद इस दिन गंगा समुद्र में जाकर मिल गई थी। इसलिए मकर सक्रांति पर गंगा सागर में मेला लगता है।


- मां दुर्गा ने दानव महिषासुर का वध करने के लिए इसी दिन धरती पर कदम रखा था इसलिए इस दिन का खास महत्व है।

- महाभारत के युद्ध में भीष्म पितामह ने सूर्य के उत्तरायण होने पर स्वेच्छा से शरीर का त्याग किया था, कारण यह है कि उत्तरायण में देह त्यागने वाले व्यक्ति की आत्मा मोक्ष पा लेती है या देवलोक में रहकर पुनः गर्भ में लौटती है।

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