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Maha Shivratri 2020: शिवपूजा में इन पुष्पों को चढ़ाने से होंगी आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी

अनीता जैन Updated Sun, 16 Feb 2020 01:56 PM IST
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maha shivratri 2020
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श्रीलिंग पुराण के अनुसार शिवलिंग के मूल में ब्रह्मा,मध्य में तीनों लोकों के ईश्वर श्रीविष्णु तथा ऊपरी भाग में प्रणवसंज्ञक महादेव रूद्र सदाशिव विराजमान रहते हैं। लिंग की वेदी महादेवी अम्बिका हैं, वे (सत,रज,तम) तीनों गुणों से तथा त्रिदेवों युक्त रहती हैं। जो प्राणी उस वेदी के साथ लिंग की पूजा करता है वह शिव-पार्वती की कृपा सहजता से प्राप्त कर लेता है। भगवान शिव ऐसे देव हैं जो श्रद्धा भक्ति के साथ की गई जरा सी पूजा से तुरंत प्रसन्न हो जाते है। शिवपुराण के अनुसार भोलेनाथ की पूजा में चढ़ने वाले अलग-अलग प्रकार के पुष्पों का फल भी अलग-अलग प्राप्त होता है।
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लक्ष्मी प्राप्ति के लिए-
जो मनुष्य लक्ष्मी प्राप्ति की इच्छा रखता हो उसे कमल,बिल्वपत्र और शंखपुष्प से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। यदि एक लाख की संख्या में इन पुष्पों द्वारा भगवान शंकर की पूजा संपन्न हो जाए तो सारे पापों का नाश होता है और लक्ष्मी की प्राप्ति हो जाती है। हरसिंगार के फूलों से पूजा करने पर सुख-सम्पत्ति की वृद्धि होती है। 

उत्तम सेहत के लिए-
भगवान शिव को दूर्वा अर्पित करने से मनुष्य निरोगी रहता है। दीर्घायु की की इच्छा रखने वाला व्यक्ति एक लाख दुर्वाओं द्वारा शिव का पूजन करें।

आभूषण और वस्त्र प्राप्ति के लिए-
बन्धूक(दुपहरिया) के फूलों द्वारा पूजन करने से मनुष्य को आभूषण की प्राप्ति होती है। इसी प्रकार कनेर के पुष्पों से पूजा करने पर मनुष्य को उत्तम वस्त्रों की प्राप्ति होती है।  

वाहन सुख के लिए-
चमेली के सुगन्धित पुष्पों से शिव की पूजा करके मनुष्य वाहनों को उपलब्ध करता है।

मोक्ष की कामना पूर्ती के लिए-
अलसी के फूलों से महादेव जी का पूजन करने वाला व्यक्ति भगवान विष्णु को प्रिय होता है। शमीपत्रों से पूजन करके मनुष्य मोक्ष को प्राप्त कर लेता हैं। वर्तमान ऋतु में पैदा होने वाले पुष्प यदि शिव की सेवा में समर्पित किए जाए तो वे मोक्ष देने वाले होते हैं।

नेत्र और हृदय विकार को दूर करने के लिए-
मदार पुष्प भगवान शिव को अर्पित करने से मनुष्य के नेत्र और ह्रदय स्वस्थ्य रहते हैं। धतूरे से विषैले जीवों से खतरा नहीं रहता।

मिलेगा मन पसंद जीवन साथी-
बेला के पुष्पों से पूजन करने पर भगवान शिव, विवाह करने की इच्छा रखने वालों को मनोनुकूल वर और वधू प्रदान करते हैं।

अन्न प्राप्ति के लिए-
जूही के फूलों से यदि भोलेनाथ की पूजा की जाए तो कभी घर में अन्न की कमी नहीं होती। सेदुआरि या शेफालिका के फूलों से शिव का पूजन किया जाए तो मन निर्मल होता है।

शत्रु पर विजय के लिए-
राई के फूल चढाने पर शत्रु परास्त होते हैं और एक लाख बिल्वपत्र चढाने पर मनुष्य अपनी सारी काम्य वस्तुएं प्राप्त कर लेता है।
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