{"_id":"5c35a406bdec2256986d3096","slug":"lohri-2019-date-time-and-importance","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lohri 2019: जानिए लोहड़ी मनाने की परंपरा, तिथि और मुहूर्त","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
Lohri 2019: जानिए लोहड़ी मनाने की परंपरा, तिथि और मुहूर्त
Wed, 09 Jan 2019 01:04 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Wed, 09 Jan 2019 01:04 PM IST
विज्ञापन
लोहड़ी 2019
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Lohri 2019 लोहड़ी का पर्व प्रमुख रूप से उत्तर भारत विशेष तौर पर पंजाब प्रांत में बड़े उत्साह और उंमग से मनाया जाता है। यह पर्व मकर संक्रांति से एक दिन पहले आता है। लोहड़ी का पर्व पौष महीने का आखिर दिन होता है फिर इसके बाद माघ महीने की शुरुआत हो जाती है। इस त्योहार की शुरुआत कई दिनों पहले से होने लगती है। लोहड़ी में लोग मूंगफली, तिल और इन चीजों से बनी मिठाईयों का विशेष महत्व होता है।
विज्ञापन
लोहड़ी की तारीख को लेकर है असमंजस
पिछले कई वर्षों से लोहड़ी की तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रहती है। पिछले साल 14 जनवरी को मकर संक्रान्ति से एक दिन पहले लोहड़ी का त्योहार मनाया गया था। इस साल भी भ्रम की स्थिति है क्योंकि कुछ पंचांग और ज्योतिषाचार्य मकर संक्रांति 15 जनवरी को बता रहे हैं।
विज्ञापन
लोहड़ी का महत्व
लोहड़ी का त्योहार मुख्य रूप से अग्नि देवता को साल की पहली फसल को समर्पित करने का पर्व के तौर पर मनाया जाता है। यह पर्व शीत का मौसम जाने और वसंत का मौसम आने का संकेत होता है। इस दिन के बाद पंजाब में फसलों की कटाई का दौर शुरू हो जाता है। लोहड़ी में महिलाएं,बच्चे और पुरुष सभी शाम को अग्नि जलाकर उसके चारो तरफ लोहड़ी के गीत गाते हुए परिक्रमा करते हैं और मूंगफली, तिल के लड्डू आदि खाते हैं।
विज्ञापन