फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Kumbh Sankranti 2025 Know the Shubh Muhurat and Puja Vidhi for this special Occasion disprj

Kumbh Sankranti 2025: इस दिन है कुंभ संक्रांति, भगवान सूर्य को प्रसन्न करने के लिए करें यह उपाय

Fri, 24 Jan 2025 07:07 AM IST
दीक्षा पाठक धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीक्षा पाठक Updated Fri, 24 Jan 2025 07:07 AM IST
सार

Kumbh Sankranti Kab Hai: इस दिन भगवान सूर्य की विशेष कृपा होती है। हर व्यक्ति इस दिन का बेसब्री से इंतजार करता है। तो आपकी सारी कंफ्यूजन को दूर करते हुए आइए आपको बताते हैं कि इस बार कुंभ संक्रांति कब है?

विज्ञापन
Kumbh Sankranti 2025 Know the Shubh Muhurat and Puja Vidhi for this special Occasion  disprj
कुंभ संक्रांति - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सनातन धर्म में कुंभ संक्रांति की काफी मान्यता है। इस दिन हर व्यक्ति का यह प्रयास होता है कि वह सुबह सवेरे स्नान और दान करे। इस दिन पवित्र नदियों में नहा कर दान करने से शुभ फल मिलता है। इस दिन भगवान सूर्य की विशेष कृपा होती है। हर व्यक्ति इस दिन का बेसब्री से इंतजार करता है। आइए आपको बताते हैं कि इस बार कुंभ संक्रांति कब है और कैसे की जाती है इस दिन पूजा । 
विज्ञापन


Magh Gupt Navratri 2025: माघ की गुप्त नवरात्रि पर करें अपनी राशि के अनुसार उपाय, मिलेगी तरक्की
विज्ञापन


इस दिन है कुंभ संक्रांति

इस साल 12 फरवरी को भगवान सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। यही नहीं, हिंदी पंचांग की मानें को 12 फरवरी के दिन रात 10 बजकर तीन मिनट में मकर राशि में प्रवेश करेंगा। ऐसे में यह माना जा रहा है कि इस साल कुंभ संक्रांति 13 फरवरी को मनाई जाएगी। ऐसे में पहले से ही अपने पूजा-पाठ की सामग्री तैयार रखें, जिससे की शुभ मुहूर्त पर आप इसे मना सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन


कुंभ संक्रांति का क्या है समय?

हिंदू पंचांग की मानें तो इस बार कुंभ संक्रांति के दिन शुभ मुहूर्त 12 बजकर 36 मिनट पर शुरू होगा। यह पुण्य काल शाम 6 बजकर 10 मिनट पर समाप्त होगा। वहीं, बात करें महा पुण्य काल की तो यह शाम 4 बजकर 19 मिनट पर शुरू होगा और शाम को 6 बजकर 10 मिनट पर समाप्त भी हो जाएगा। बता दें कि इस बार महापुण्य काल  2 घंटा 51 मिनट तक रहेगा। ऐसे में आप भी इस संयोग का फायदा उठा सकते हैं और समय पर पूजा पाठ कर फल की प्राप्ति कर सकते हैं। इस दिन दान का भी काफी महत्व होता है।

ऐसे करें पूजा

सबसे पहले किसी पवित्र नदी में स्नान करने का प्रयास करना चाहिए और अगर ऐसा संभव न हो पा रहा हो तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए।

इस दिन भगवान सूर्य अपने भक्तों को विशेष आशीर्वाद देते हैं। ऐसे में सूर्य भगवान को अर्घ्य देना चाहिए।

इसके बाद सूर्य भगवान के मंत्रों को याद से जाप करना चाहिए।

घर के मंदिर में अच्छे से पूजा करनी चाहिए और दीपक जलाना चाहिए।

किसी गरीब को दान देना चाहिए, इस दिन दान का काफी महत्व होता है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed