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जानें साल 2019 में भगवान विष्णु की कृपा दिलाने वाली कब - कब पड़ेगी एकादशी
Tue, 01 Jan 2019 12:44 PM IST
Madhukar Mishra
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Madhukar Mishra
Updated Tue, 01 Jan 2019 12:44 PM IST
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2019 Ekadashi
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सनातन परंपरा में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष से जुड़े व्रतों की एक लंबी परंपरा है। साल के 365 दिनों में प्रतिदिन किसी न किसी देवता को समर्पित व्रत होता है। ऐसा ही एक व्रत किसी भी मास की एकादशी को किया जाता है, जो भगवान श्रीहरि को समर्पित होता है। साल 2019 के पहले महीने में तीन एकादशी — सफला एकादशी, पुत्रदा एकादशी और षट्तिला एकादशी एकादशी पड़ रही है। भगवान विष्णु को समर्पित इस पावन तिथि पर व्रत करने से सभी तरह की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
सफला एकादशी
नये साल 2019 के पहले दिन की शुरुआत पावन सफला एकादशी से हो रही है। पौष मास में कृष्ण पक्ष की एकादशी के दिन किया जाने वाला यह व्रत साधक को जीवन में सभी प्रकार की सफलता दिलाता है। इस दिन धूप-दीप, फल-फूल, आंवला, अनार आदि से श्री नारायण का पूजन करना चाहिए। इस पावन तिथि पर दीपदान और कीर्तन-जागरण का काफी महत्व है।
पुत्रदा एकादशी
पौष शुक्लपक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी कहते हैं। पुराणों में इस एकादशी को पवित्रा एकादशी नाम दिया गया है। इस एकादशी के बारे में मान्यता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा और नियम पूर्वक इस व्रत को रखता है, उसके पूर्व जन्म के सभी पाप कट जाते हैं और उसे संतान, धन-संपदा का सुख प्राप्त होता है। पवित्रा एकादशी का व्रत करने वाले को प्रातः काल स्नान ध्यान करके भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। पूरे दिन व्रत रखकर संध्या के समय भगवान की फिर से पूजन करने के बाद फल ग्रहण कर सकते हैं। रात्रि जागरण करके भगवान का भजन कीर्तन करें। अगले दिन यानी द्वादशी तिथि को ब्रह्मणों को भोजन करवाएं और दान-दक्षिणा सहित विदा करें।
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षट्तिला एकादशी
माघ मास की के कृष्णपक्ष की एकादशी को षट्तिला एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन काली गाय और तिल के दान का विशेष महत्व है। इस एकादशी के दिन व्यक्ति अगर तिल का प्रयोग 6 प्रकार से करे तो पाप कर्मों से मुक्त होकर हजारों वर्षों तक परलोक में सुख भोग प्राप्त करता है। षट्तिला एकादशी के दिन साधक को प्रात:काल स्नान करके भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। भगवान विष्णु को तिल और उड़द मिश्रित खिचड़ी का भोग लगाना चाहिए।
साल 2019 में एकादशी व्रत
जनवरी
1 जनवरी — सफला एकादशी
17 जनवरी — सफला एकादशी
31 जनवरी — षटतिला एकादशी
फरवरी
16 फरवरी — जया एकादशी
मार्च
02 मार्च — विजया एकादशी
17 मार्च — आमलकी एकादशी
31 मार्च — पापमोचिनी एकादशी
अप्रैल
15 अप्रैल — कामदा एकादशी
30 अप्रैल — वरुथनी एकादशी
मई
15 मई — मोहिनी एकादशी
30 मई — अपरा एकादशी
जून
13 जून — निर्जला एकादशी
29 जून — योगिनी एकादशी
जुलाई
12 जुलाई — देवशयनी एकादशी
28 जुलाई — कामदा एकादशी
अगस्त
11 अगस्त — पवित्रा एकादशी
26 अगस्त — अजा एकादशी
सितंबर
09 सितंबर — पद्मा एकादशी
25 सितंबर — इंदिरा एकादशी
अक्टूबर
09 अक्टूबर — पापकुशा एकादशी
24 अक्टूबर — रमा एकादशी
नवंबर
08 नवंबर — देवप्रबोधिनी एकादशी
22 नवंबर — उत्पत्ति एकादशी
दिसंबर
08 दिसंबर — मोक्षदा एकादशी
22 दिसंबर — सफला एकादशी
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सफला एकादशी
नये साल 2019 के पहले दिन की शुरुआत पावन सफला एकादशी से हो रही है। पौष मास में कृष्ण पक्ष की एकादशी के दिन किया जाने वाला यह व्रत साधक को जीवन में सभी प्रकार की सफलता दिलाता है। इस दिन धूप-दीप, फल-फूल, आंवला, अनार आदि से श्री नारायण का पूजन करना चाहिए। इस पावन तिथि पर दीपदान और कीर्तन-जागरण का काफी महत्व है।
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पुत्रदा एकादशी
पौष शुक्लपक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी कहते हैं। पुराणों में इस एकादशी को पवित्रा एकादशी नाम दिया गया है। इस एकादशी के बारे में मान्यता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा और नियम पूर्वक इस व्रत को रखता है, उसके पूर्व जन्म के सभी पाप कट जाते हैं और उसे संतान, धन-संपदा का सुख प्राप्त होता है। पवित्रा एकादशी का व्रत करने वाले को प्रातः काल स्नान ध्यान करके भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। पूरे दिन व्रत रखकर संध्या के समय भगवान की फिर से पूजन करने के बाद फल ग्रहण कर सकते हैं। रात्रि जागरण करके भगवान का भजन कीर्तन करें। अगले दिन यानी द्वादशी तिथि को ब्रह्मणों को भोजन करवाएं और दान-दक्षिणा सहित विदा करें।
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षट्तिला एकादशी
माघ मास की के कृष्णपक्ष की एकादशी को षट्तिला एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन काली गाय और तिल के दान का विशेष महत्व है। इस एकादशी के दिन व्यक्ति अगर तिल का प्रयोग 6 प्रकार से करे तो पाप कर्मों से मुक्त होकर हजारों वर्षों तक परलोक में सुख भोग प्राप्त करता है। षट्तिला एकादशी के दिन साधक को प्रात:काल स्नान करके भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। भगवान विष्णु को तिल और उड़द मिश्रित खिचड़ी का भोग लगाना चाहिए।
साल 2019 में एकादशी व्रत
जनवरी
1 जनवरी — सफला एकादशी
17 जनवरी — सफला एकादशी
31 जनवरी — षटतिला एकादशी
फरवरी
16 फरवरी — जया एकादशी
मार्च
02 मार्च — विजया एकादशी
17 मार्च — आमलकी एकादशी
31 मार्च — पापमोचिनी एकादशी
अप्रैल
15 अप्रैल — कामदा एकादशी
30 अप्रैल — वरुथनी एकादशी
मई
15 मई — मोहिनी एकादशी
30 मई — अपरा एकादशी
जून
13 जून — निर्जला एकादशी
29 जून — योगिनी एकादशी
जुलाई
12 जुलाई — देवशयनी एकादशी
28 जुलाई — कामदा एकादशी
अगस्त
11 अगस्त — पवित्रा एकादशी
26 अगस्त — अजा एकादशी
सितंबर
09 सितंबर — पद्मा एकादशी
25 सितंबर — इंदिरा एकादशी
अक्टूबर
09 अक्टूबर — पापकुशा एकादशी
24 अक्टूबर — रमा एकादशी
नवंबर
08 नवंबर — देवप्रबोधिनी एकादशी
22 नवंबर — उत्पत्ति एकादशी
दिसंबर
08 दिसंबर — मोक्षदा एकादशी
22 दिसंबर — सफला एकादशी