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Holi 2020: नौ मार्च को होलिका दहन, जानिए परंपरा, खास बातें और क्या करें क्या न करें
Mon, 09 Mar 2020 07:47 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Mon, 09 Mar 2020 07:47 AM IST
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फाल्गुन महीने में होली का त्योहार मनाया जाता है। होली के एक दिन पहले की रात को होलिका दहन करने की परंपरा है। होलिका दहन पूर्णिमा तिथि में प्रदोष काल के दौरान करना बताया है। भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा तिथि, होलिका दहन के लिये उत्तम मानी जाती है। होलिका दहन में अनाज डालने की परंपरा है। ऐसे में आइए जानते हैं होलिका में क्या करें और क्या नहीं....
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खास बातें
- 9 मार्च को पूर्णिमा 23 घंटे 18 मिनट तक है। पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र रात के एक बजकर 9 मिनट तक और भद्रा एक बजकर 13 मिनट तक है। इस दिन यायिजय योग भी है। इस दिन सूर्यास्त के 48 मिनट बाद से रात के 11 बजकर 27 मिनट तक होलिका दहन श्रेष्ठ रहेगा। इसके अलावा जो लोग साधना करते हैं, उनके लिए रात के एक बजकर 50 मिनट से 2 बजकर 47 मिनट तक श्रेष्ठ है। होलाष्टक 3 मार्च से शुरू हो रहा है।
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- होली पर्व मनाए जाने के अलग-अलग घटनाक्रम शास्त्रों में बताए गए हैं। वैदिक काल में इस पर्व को नवान्नेष्टि यज्ञ कहा जाता है। एक अन्य मान्यता के अनुसार, भगवान शिव ने क्रोध में कामदेव को इस दिन भस्म कर दिया था। एक और मान्यता है कि हिरण्यकश्यप की बहन होलिका की स्मृति में यह पर्व मनाया जाता है।
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- होली के दिन होलिका दहन से पूर्व अग्निदेव की पूजा का विधान है। अग्निदेव पंचतत्वों में प्रमुख माने जाते हैं, जो सभी जीवात्माओं के शरीर में अग्नितत्व के रूप में विराजमान रहते हुए जीवन भर उनकी रक्षा करते हैं। अग्निदेव सभी जीवों के साथ एक समान न्याय करते हैं, इसलिए सनातन धर्म को मानने वाले सभी लोग भक्त प्रहलाद पर आए संकट को टालने और अग्निदेव द्वारा ताप के बदले उन्हें शीतलता देने की प्रार्थना करते हैं।
- हमारे सभी धर्मग्रंथों में होलिका दहन में मुहूर्त का विशेष ध्यान रखने की बात कही गई है। नारद पुराण के अनुसार अग्नि प्रज्ज्वलन फाल्गुन पूर्णिमा को भद्रारहित प्रदोषकाल में सर्वोत्तम माना गया है। होलिका दहन के समय परिवार के सभी सदस्यों को एक साथ नया अन्न यानि गेहूं,जौ एवं चना की हरी बालियों को लेकर पवित्र अग्नि में समर्पित करना चाहिए, ऐसा करने से घर में शुभता का आगमन होता है।
न करें ये काम
- होलिका दहन और होली वाले दिन घर के सदस्यों के बीच वाव-विवाद नहीं करना चाहिए। परिवार में प्रेम और शांति बनाए रखनी चाहिए।
- होली पर नशीली चीजों के सेवन बचना चाहिए।
- कभी भी घर और बाहर के वृद्ध लोगों का अनादर न करें।