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Guru Purnima 2021 Shubh Muhurat: आज इस शुभ योग में गुरु पूर्णिमा, जानिए महत्व, पूजा विधि और पूजन सामग्री
Sat, 24 Jul 2021 12:00 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sat, 24 Jul 2021 12:00 PM IST
सार
महर्षि वेद व्यास ने ही चारों वेदों और सभी पुराणों की रचना की थी, इसी कारण से हर वर्ष आषाढ़ महीने की पूर्णिमा तिथि को आषाढ़ पूर्णिमा, व्यास पूर्णिमा और गुरु पूर्णिमा के तौर पर बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के मनाया जाता है।
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guru purnima 2021: 24 जुलाई शनिवार को आषाढ़ माह की पूर्णिमा है, जिसे गुरु पूर्णिमा और वेद व्यास पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है।
विस्तार
Guru Purnima 2021 Shubh Muhurat: आज आषाढ़ माह की पूर्णिमा है, जिसे गुरु पूर्णिमा और वेदव्यास पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि पर वेदों के रचयिता महर्षि वेद व्यास की जंयती के तौर पर इसे मनाया जाता है। शिवपुराण के अनुसार इसी तिथि पर भगवान विष्णु के अंशावतार वेदव्यास जी का जन्म हुआ। महर्षि वेद व्यास को सृष्टि के पहले गुरु का दर्जा प्राप्त है, इसी कारण से हिंदू धर्म में गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। महर्षि वेद व्यास ने ही चारों वेदों और सभी पुराणों की रचना की थी, इसी कारण से हर वर्ष आषाढ़ महीने की पूर्णिमा तिथि को आषाढ़ पूर्णिमा, व्यास पूर्णिमा और गुरु पूर्णिमा के तौर पर बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के मनाया जाता है। इस मौके पर आइए जानते हैं गुरु पूर्णिमा की तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि.....
गुरु पूर्णिमा 2021 का शुभ मुहूर्त Guru Purnima 2021 Shubh Muhurat
आषाढ़ पूर्णिमा तिथि 23 जुलाई 2021, सुबह 10 बजकर 43 मिनट से 24 जुलाई 2021, की सुबह 08 बजकर 06 मिनट तक रहेगी।
गुरु पूर्णिमा 2021 पर बना शुभ योग
गुरु पूर्णिमा पर तीन शुभ योग का निर्माण हो रहा है जिसमें विष्कुंभ योग, प्रीति योग और आयुष्मान योग होगा। धर्म शास्त्रों के अनुसार विष्कुंभ, प्रीति और आयुष्मान योग बहुत ही शुभ योग है, मान्यता है कि इन योगों में कोई भी शुभ कार्य करने से सफलता अवश्य मिलती है। इस योग में किये जाने वाले शुभ कार्य जीवन में सुख, समृद्धि, वैभव और धन की प्राप्ति होती है।
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गुरु पूर्णिमा का महत्व Importance Of Guru Purnima 2021
गुरु पूर्णिमा पर गुरु का पूजन करने की परंपरा है। शास्त्रों में गुरु को भगवान से ऊपर का दर्जा प्राप्त है। ऐसे में गुरु पूर्णिमा के दिन अपने गुरुओं और बड़ों का आशीर्वाद लेना चाहिए। महर्षि वेद व्सास की जयंती पर इस पर्व को मनाया जाता है। चारों वेदों, 18 पुराणों , महाभारत के रचयिता और कई अन्य ग्रंथों के रचनाकार का श्रेय महर्षि वेद व्यास को दिया जाता है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरुओं की पूजा और उनका सम्मान करते हुए उनसे आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए।
पूजा विधि Guru Purnima Puja Vidhi 2021
गुरु पूर्णिमा की सुबह सबसे पहले स्नान कर साफ कपड़े पहनकर अपने घर के पूजा स्थल पर लगी देवी-देवताओं को प्रणाम करते हुए उनकी विधिवत रूप से पूजा-अर्चना करनी चाहिए। इसके बाद पूजा स्थल पर रखें अपने गुरु की तस्वीर को माला फूल अर्पित कर उनका तिलक करना चाहिए। पूजा करने के बाद अपने गुरु के घर जाकर उनका पैर छूकर आशीर्वाद लेना चाहिए।
गुरु पूर्णिमा 2021 पूजन सामग्री Guru Purnima Puja Samagri 2021
गुरु पूर्णिमा तिथि पर अपने गुरु की पूजा और उनका आशीर्वाद लिया जाता है। गुरु पूर्णिमा के दिन विशेष रूप से गुरु की पूजा की जानी चाहिए। इस दिन गुरु पूजा में इन पूजा सामग्रियों का अवश्य ही शामिल करना चाहिए। पान का पत्ता, पीला कपड़ा, पीला मिष्ठान, नारियल, पुष्प, इलायची, कर्पूर, लौंग व अन्य पूजन सामग्री।
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गुरु पूर्णिमा 2021 का शुभ मुहूर्त Guru Purnima 2021 Shubh Muhurat
आषाढ़ पूर्णिमा तिथि 23 जुलाई 2021, सुबह 10 बजकर 43 मिनट से 24 जुलाई 2021, की सुबह 08 बजकर 06 मिनट तक रहेगी।
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गुरु पूर्णिमा 2021 पर बना शुभ योग
गुरु पूर्णिमा पर तीन शुभ योग का निर्माण हो रहा है जिसमें विष्कुंभ योग, प्रीति योग और आयुष्मान योग होगा। धर्म शास्त्रों के अनुसार विष्कुंभ, प्रीति और आयुष्मान योग बहुत ही शुभ योग है, मान्यता है कि इन योगों में कोई भी शुभ कार्य करने से सफलता अवश्य मिलती है। इस योग में किये जाने वाले शुभ कार्य जीवन में सुख, समृद्धि, वैभव और धन की प्राप्ति होती है।
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गुरु पूर्णिमा का महत्व Importance Of Guru Purnima 2021
गुरु पूर्णिमा पर गुरु का पूजन करने की परंपरा है। शास्त्रों में गुरु को भगवान से ऊपर का दर्जा प्राप्त है। ऐसे में गुरु पूर्णिमा के दिन अपने गुरुओं और बड़ों का आशीर्वाद लेना चाहिए। महर्षि वेद व्सास की जयंती पर इस पर्व को मनाया जाता है। चारों वेदों, 18 पुराणों , महाभारत के रचयिता और कई अन्य ग्रंथों के रचनाकार का श्रेय महर्षि वेद व्यास को दिया जाता है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरुओं की पूजा और उनका सम्मान करते हुए उनसे आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए।
पूजा विधि Guru Purnima Puja Vidhi 2021
गुरु पूर्णिमा की सुबह सबसे पहले स्नान कर साफ कपड़े पहनकर अपने घर के पूजा स्थल पर लगी देवी-देवताओं को प्रणाम करते हुए उनकी विधिवत रूप से पूजा-अर्चना करनी चाहिए। इसके बाद पूजा स्थल पर रखें अपने गुरु की तस्वीर को माला फूल अर्पित कर उनका तिलक करना चाहिए। पूजा करने के बाद अपने गुरु के घर जाकर उनका पैर छूकर आशीर्वाद लेना चाहिए।
गुरु पूर्णिमा 2021 पूजन सामग्री Guru Purnima Puja Samagri 2021
गुरु पूर्णिमा तिथि पर अपने गुरु की पूजा और उनका आशीर्वाद लिया जाता है। गुरु पूर्णिमा के दिन विशेष रूप से गुरु की पूजा की जानी चाहिए। इस दिन गुरु पूजा में इन पूजा सामग्रियों का अवश्य ही शामिल करना चाहिए। पान का पत्ता, पीला कपड़ा, पीला मिष्ठान, नारियल, पुष्प, इलायची, कर्पूर, लौंग व अन्य पूजन सामग्री।