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Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Govardhan Puja 2025 Sri Krishna Chalisa Path Lyrics in Hindi

Govardhan Puja Chalisa Path: गोवर्धन पूजा पर करें श्रीकृष्ण चालीसा का पाठ, पाएं कान्हा जी की विशेष कृपा

Wed, 22 Oct 2025 06:31 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Wed, 22 Oct 2025 06:31 AM IST
सार

Shri Krishna Chalisa Path: गोवर्धन पूजा पर श्रीकृष्ण चालीसा का पाठ करने से भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह पाठ यश, सुख, समृद्धि और जीवन में सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।

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Govardhan Puja 2025 Sri Krishna Chalisa Path Lyrics in Hindi
गोवर्धन पूजा पर श्री कृष्ण चालीसा पाठ - फोटो : amar ujala

विस्तार

Govardhan Puja Par Karein Shri Krishna Chalisa Ka Path: गोवर्धन पूजा के पावन अवसर पर श्रीकृष्ण चालीसा का पाठ करना अत्यंत शुभ और फलदायक माना जाता है। यह चालीसा कुल 40 छंदों में रचित है, जिसमें श्रीकृष्ण की लीलाओं, उनके गुणों और भक्तों पर उनकी कृपा का भावपूर्ण वर्णन मिलता है। गोवर्धन पूजा ही नहीं, जन्माष्टमी समेत कई धार्मिक पर्वों पर भी श्रद्धालु श्रीकृष्ण चालीसा का पाठ करते हैं ताकि वे भगवान की भक्ति में लीन होकर उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकें।

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ऐसा माना जाता है कि श्रीकृष्ण चालीसा का नियमित और श्रद्धापूर्वक पाठ करने से व्यक्ति को यश, सुख, समृद्धि, धन-संपत्ति और जीवन में संतुलन प्राप्त होता है। साथ ही, यह चालीसा पराक्रम, सफलता, संतान सुख, नौकरी और प्रेम जैसे जीवन के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी सकारात्मक परिणाम देने वाली मानी जाती है। गोवर्धन पूजा जैसे पुण्य पर्व पर इसका पाठ भक्तों को श्रीकृष्ण की विशेष कृपा का पात्र बनाता है।
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Govardhan Puja 2025 Sri Krishna Chalisa Path Lyrics in Hindi
shri krishna chalisa path - फोटो : freepik

॥श्री कृष्ण चालीसा॥
॥ दोहा ॥

बंशी शोभित कर मधुर,नील जलद तन श्याम।
अरुण अधर जनु बिम्बा फल,पिताम्बर शुभ साज॥
जय मनमोहन मदन छवि,कृष्णचन्द्र महाराज।
करहु कृपा हे रवि तनय,राखहु जन की लाज॥

॥ चौपाई ॥
जय यदुनन्दन जय जगवन्दन।
जय वसुदेव देवकी नन्दन॥


जय यशुदा सुत नन्द दुलारे।
जय प्रभु भक्तन के दृग तारे॥

जय नट-नागर नाग नथैया।
कृष्ण कन्हैया धेनु चरैया॥

पुनि नख पर प्रभु गिरिवर धारो।
आओ दीनन कष्ट निवारो॥

वंशी मधुर अधर धरी तेरी।
होवे पूर्ण मनोरथ मेरो॥

आओ हरि पुनि माखन चाखो।
आज लाज भारत की राखो॥

गोल कपोल, चिबुक अरुणारे।
मृदु मुस्कान मोहिनी डारे॥

रंजित राजिव नयन विशाला।
मोर मुकुट वैजयंती माला॥

कुण्डल श्रवण पीतपट आछे।
कटि किंकणी काछन काछे॥

नील जलज सुन्दर तनु सोहे।
छवि लखि, सुर नर मुनिमन मोहे॥

मस्तक तिलक, अलक घुंघराले।
आओ कृष्ण बाँसुरी वाले॥

करि पय पान, पुतनहि तारयो।
अका बका कागासुर मारयो॥

मधुवन जलत अग्नि जब ज्वाला।
भै शीतल, लखितहिं नन्दलाला॥

सुरपति जब ब्रज चढ़यो रिसाई।
मसूर धार वारि वर्षाई॥

लगत-लगत ब्रज चहन बहायो।
गोवर्धन नखधारि बचायो॥

लखि यसुदा मन भ्रम अधिकाई।
मुख महं चौदह भुवन दिखाई॥

दुष्ट कंस अति उधम मचायो।
कोटि कमल जब फूल मंगायो॥

नाथि कालियहिं तब तुम लीन्हें।
चरणचिन्ह दै निर्भय किन्हें॥

करि गोपिन संग रास विलासा।
सबकी पूरण करी अभिलाषा॥

केतिक महा असुर संहारयो।
कंसहि केस पकड़ि दै मारयो॥

मात-पिता की बन्दि छुड़ाई।
उग्रसेन कहं राज दिलाई॥

महि से मृतक छहों सुत लायो।
मातु देवकी शोक मिटायो॥

भौमासुर मुर दैत्य संहारी।
लाये षट दश सहसकुमारी॥

दै भिन्हीं तृण चीर सहारा।
जरासिंधु राक्षस कहं मारा॥

असुर बकासुर आदिक मारयो।
भक्तन के तब कष्ट निवारियो॥

दीन सुदामा के दुःख टारयो।
तंदुल तीन मूंठ मुख डारयो॥

प्रेम के साग विदुर घर मांगे।
दुर्योधन के मेवा त्यागे॥

लखि प्रेम की महिमा भारी।
ऐसे श्याम दीन हितकारी॥

भारत के पारथ रथ हांके।
लिए चक्र कर नहिं बल ताके॥

निज गीता के ज्ञान सुनाये।
भक्तन हृदय सुधा वर्षाये॥

मीरा थी ऐसी मतवाली।
विष पी गई बजाकर ताली॥

राना भेजा सांप पिटारी।
शालिग्राम बने बनवारी॥

निज माया तुम विधिहिं दिखायो।
उर ते संशय सकल मिटायो॥

तब शत निन्दा करी तत्काला।
जीवन मुक्त भयो शिशुपाला॥

जबहिं द्रौपदी टेर लगाई।
दीनानाथ लाज अब जाई॥

तुरतहिं वसन बने नन्दलाला।
बढ़े चीर भै अरि मुँह काला॥

अस नाथ के नाथ कन्हैया।
डूबत भंवर बचावत नैया॥

सुन्दरदास आस उर धारी।
दयादृष्टि कीजै बनवारी॥

नाथ सकल मम कुमति निवारो।
क्षमहु बेगि अपराध हमारो॥

खोलो पट अब दर्शन दीजै।
बोलो कृष्ण कन्हैया की जै॥

॥ दोहा ॥
यह चालीसा कृष्ण का,पाठ करै उर धारि।
अष्ट सिद्धि नवनिधि फल,लहै पदारथ चारि॥

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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