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Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Govardhan Puja 2024 Why 56 Bhog Is Offered To Shri Krishna On Govardhan Puja

Govardhan Puja 2024: जानें गोवर्धन पूजा के दिन भगवान कृष्ण को क्यों लगाया जाता है 56 भोग

Thu, 24 Oct 2024 10:35 AM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति मेहरा Updated Thu, 24 Oct 2024 10:35 AM IST
सार

गोवर्धन पूजा का पर्व इस साल 2 नवंबर 2024 को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान कृष्ण को 56 भोग लगाने की भी परंपरा है। ऐसे में आइए जानते हैं इस दिन श्री कृष्ण को 56 भोग आखिर क्यों लगाए जाते हैं...

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Govardhan Puja 2024 Why 56 Bhog Is Offered To Shri Krishna On Govardhan Puja
गोवर्धन पूजा के दिन 56 भोग का महत्व - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

Importance of 56 Bhog in Govardhan Puja: गोवर्धन पूजा को अन्नकूट के नाम से भी जाना जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक माह में आने वाली शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन गोवर्धन पूजा का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना करने से समस्त दुख और संताप दूर हो जाते हैं। इस साल कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का आरंभ 1 नवंबर 2024 को सायं 06:16 बजे हो रहा है, और इसका समापन 2 नवंबर को रात 08:21 बजे होगा। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार गोवर्धन पूजा का पर्व 2 नवंबर 2024 को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान कृष्ण को 56 भोग लगाने की भी परंपरा है। ऐसे में आइए जानते हैं इस दिन श्री कृष्ण को 56 भोग आखिर क्यों लगाए जाते हैं...

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गोवर्धन पूजा की पौराणिक कथा
मान्यताओं के अनुसार पहले सभी ब्रजवासी भगवान इंद्र की पूजा करते थे। भगवान श्री कृष्ण के कहने पर ब्रजवासियों ने गोवर्धन की पूजा करनी प्रारंभ की, जिसके कारण इंद्रदेव क्रोधित हो गए और ब्रज में घनघोर वर्षा प्रारंभ हो गई। ऐसे में चारों ओर तबाही मचने लगी। यह सब देखकर भगवान श्री कृष्ण ने सबकी रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली से उठा लिया, जिसके नीजे आकर ब्रजवासियों सुरक्षित हो गए। 
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जब श्रीकृष्ण गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली से उठाया, तो सभी ब्रजवासियों ने अपने परिवार और पशुओं के साथ गोवर्धन पर्वत के नीचे शरण ले ली। इस दौरान सात दिनों तक घनघोर वर्षा होती रही, लेकिन इससे ब्रजवासी विचलित नहीं हुए। तब इंद्र देव को ये आभास हुआ कि श्री कृष्ण कोई साधारण बालक नहीं हैं और उन्होंने श्रीकृष्ण से क्षमा याचना की। इसके बाद से ही पूरे देश में गोवर्धन पूजा मनाई जाने लगी।
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गोवर्धन पूजा के दिन 56 भोग का महत्व
गोवर्धन पूजा के दिन भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग लगाने के पीछे यह वजह बताई जाती है, कि श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इन्द्र देव के प्रकोप से बचाया था, इसलिए सभी ब्रजवासियों ने श्रीकृष्ण के लिए 56 प्रकार के भोग तैयार किए गए थे। तभी से इस परंपरा की शुरुआत हो गई, इसलिए आज भी गोवर्धन पूजा के दिन भगवान को 56 भोग लगाए जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि जो लोग इस दिन श्री कृष्ण को 56 भोग लगाते हैं, उनके जीवन में कभी किसी चीज की कमी नहीं होती है।


 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

 

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