Ganpati Visarjan 2024: गणपति विसर्जन के दौरान घर की ओर क्यों नहीं होनी चाहिए बप्पा की पीठ?
इस वर्ष 17 सितंबर 2024 को अनंत चतुर्दशी है, इस दिन गणेश जी का विसर्जन और भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा की जाती है। अनंत चतुर्दशी के दिन, भक्त भगवान गणेश की मूर्ति को पवित्र नदी, तालाब या समुद्र में विसर्जित करते हैं।
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Ganesh Visarjan 2024: अनंत चतुर्दशी वर्ष की विशेष तिथियों में से एक मानी जाती है। भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी का नाम अनन्त चतुर्दशी है। इस दिन गणेश चतुर्थी से शुरू हुआ गणेश उत्सव समाप्त होता है और गणपति का विसर्जन किया जाता है। इस वर्ष 17 सितंबर 2024 को अनंत चतुर्दशी है, इस दिन गणेश जी का विसर्जन और भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा की जाती है।
अनंत चतुर्दशी के दिन, भक्त भगवान गणेश की मूर्ति को पवित्र नदी, तालाब या समुद्र में विसर्जित करते हैं। पर्यावरण की रक्षा के लिए कुछ लोग घर पर ही गणेश प्रतिमा को बाल्टी या बड़े बाथटब में विसर्जित कर देते हैं। इसके साथ ही अगले वर्ष फिर से उन्हें वापस आने की प्रार्थना करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं गणेश विसर्जन के समय बप्पा की पीठ किस तरफ होनी चाहिए। आइए जानते हैं विस्तार से।
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गणपति विसर्जन के दौरान किस दिशा में होना चाहिए बप्पा का मुख?
- गणपति विसर्जन करते समय भगवान गणेश का मुख घर की ओर और पीठ घर के बाहर की ओर होनी चाहिए। ऐसा माना जाता है कि घर की ओर पीठ करने से बप्पा नाराज हो जाते हैं क्योंकि बप्पा के पीछे दरिद्रता का वास होता है। इसीलिए कहा जाता है कि घर की ओर भूलकर भी पीठ नहीं करना चाहिए।
- घर की ओर पीठ होने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश हो सकता है।
- विसर्जन से पूर्व परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करनी चाहिए। साथ ही सभी गलतियों के लिए क्षमा मांगनी चाहिए।
- मुहुर्त के अनुसार ही बप्पा को विदा करना चाहिए।
- विसर्जन के दौरान तामसिक चीजों से परहेज करना चाहिए।
गणेश विसर्जन नियम
- गणेश विसर्जन से पूर्व भगवान गणेश की विधि अनुसार पूजा करें।
- इसके बाद उन्हें मोदक और घर पर बनी मिठाई का भोग लगाएं।
- गणेश जी के वैदिक मंत्रों का जाप कर उनकी आरती करें।
- इसके बाद किसी पवित्र नदी या अगर किसी वजह से नदी तक जाने में असमर्थ हैं, तो साफ पात्र में शुद्ध पानी भरें। फिर पानी में गंगाजल, फूल, इत्र, मिलाएं और मंत्रों का उच्चारण करें।
- विघ्नहर्ता के जयकारों के साथ पानी में धीरे-धीरे उन्हें विसर्जित करें।
- फिर उस पानी को पीपल के वृक्ष के नीचे या गमले में डाल दें।
- पूजा सामग्रियों को भी विसर्जित कर दें।
गणेश विसर्जन पर भद्रा का साया
गणेश विसर्जन के दिन प्रातःकाल 11:44 बजे से भद्रा काल लग रहा है। भद्रा काल को किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ के लिए शुभ नहीं माना गया है। इसलिए इस समय गणेश विसर्जन करना उचित नहीं होगा।
इस साल गणेश विसर्जन के लिए सबसे शुभ मुहूर्त 17 सितंबर को सूर्योदय से लेकर 9 बजकर 10 मिनट तक है. वहीं अनंत चतुर्दशी की पूजा करने शुभ मुहूर्त सुबह 6:07 बजे से 11:44 बजे तक है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।