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Ganga Saptami 2025: गंगा सप्तमी का आज करें ये उपाय, दूर होगा दुर्भाग्य और बढ़ेगा सौभाग्य

Sat, 03 May 2025 11:29 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Sat, 03 May 2025 11:29 AM IST
सार

गंगाजल को घर के मुख्य द्वार, कोनों और पूजा स्थान में छिड़कने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और घर में सकारात्मकता और शुभता का वास होता है।

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Ganga Saptami 2025 Know Date Significance ganga saptami and importance
गंगा सप्तमी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Ganga Saptami 2025: गंगा सप्तमी का पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत पावन और शुभ माना गया है। यह पर्व वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन राजा भगीरथ की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा स्वर्ग से भगवान शिव की जटाओं में आईं। गंगा जल को शास्त्रों में अमृत के समान बताया गया है, जो पापों का नाश करता है और सौभाग्य प्रदान करता है।
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1. गंगाजल से स्नान करें और कष्टों से मुक्ति पाएं
इस दिन गंगा नदी में स्नान करने या घर पर कुछ बूंदें गंगाजल की छिड़क लेने से शरीर और मन की शुद्धि होती है। पौराणिक मान्यता है कि गंगाजी में स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है, रोग-दोष दूर होते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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2. गंगा जल से घर में छिड़काव करें
गंगा जल को घर के मुख्य द्वार, कोनों और पूजा स्थान में छिड़कने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और घर में सकारात्मकता और शुभता का वास होता है। यह उपाय वास्तु दोष निवारण में भी सहायक माना जाता है।
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3. तांबे के लोटे में जल भरकर सूर्य को अर्घ्य दें
सप्तमी तिथि भगवान सूर्य को भी प्रिय है। इस दिन  गंगाजल में शहद, लाल फूल और अक्षत मिलाकर सूर्यदेव को अर्घ्य देने से सौभाग्य, यश और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। यह उपाय विशेष रूप से नौकरी, व्यापार और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि के लिए लाभकारी है।

4. पीपल के वृक्ष की पूजा करें
गंगा सप्तमी के दिन पीपल को जल चढ़ाकर दीपक जलाएं। पीपल की पूजा से पितृदोष की शांति होती है और परिवार में सुख-शांति आती है। यह उपाय घर के कलह-क्लेश दूर करने में भी सहायक होता है।

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5. जरूरतमंदों को सफेद वस्त्र और अन्न का दान करें
इस दिन गरीबों और ब्राह्मणों को दूध, चावल, मिश्री और सफेद वस्त्र का दान करना अत्यंत पुण्यदायी होता है। इससे देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और धन-धान्य में वृद्धि होती है।

6. गंगा स्तोत्र या गंगा आरती का पाठ करें
गंगा सप्तमी के दिन संध्या के समय मां गंगा की आरती करें और गंगा स्तोत्र या गंगाष्टक का पाठ करें। इससे मन को शांति मिलती है और देवी गंगा की कृपा से जीवन में शुभता आती है।

7. गंगा जल से शिवलिंग का अभिषेक करें
पौराणिक कथा अनुसार, मां गंगा भगवान शिव की जटाओं में धारण होकर पृथ्वी पर आई थीं। इसलिए इस दिन गंगा जल से शिवलिंग का अभिषेक करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। यह उपाय दुर्भाग्य को दूर करता है, मानसिक तनाव कम करता है और जीवन में संतुलन और सफलता लाता है।


 
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