Ganesh Chaturthi 2021: गणेश चतुर्थी पर 59 साल बाद दुर्लभ योग, बेहद शुभ योग में घर विराजेंगे बप्पा
- हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूजनीय देवता माना गया है। किसी भी तरह की पूजा, अनुष्ठान या त्योहार में सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा-आराधना की जाती है। शास्त्रों में भगवान गणेश को विद्या, बुद्धि, मंगलकारी, विघ्न विनाशक, सिद्धि, सुख और समृद्धि प्रदान करने वाले देवता माना गया है।
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Ganesh Chaturthi Shubh Yoga And Muhurat 2021: आज यानी शुक्रवार, 10 सितंबर से गणेशोत्सव आरंभ हो गया है। आज भाद्रपद माह की चतुर्थी तिथि है और इसी तिथि पर सुख और समृद्धि के देवता भगवान गणेश का जन्म हुआ था। गणेशोत्सव का त्योहार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से शुरू होकर अनंत चतुर्दशी तिथि के दिन पर गणेश विसर्जन तक चलता है। पंचांग गणना के अनुसार इस बार गणेश चतुर्थी तिथि चित्रा नक्षत्र में मनाई जाएगी।
गणेश चतुर्थी 2021 पर ग्रहों का शुभ संयोग
हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूजनीय देवता माना गया है। किसी भी तरह की पूजा, अनुष्ठान या त्योहार में सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा-आराधना की जाती है। शास्त्रों में भगवान गणेश को विद्या, बुद्धि, मंगलकारी, विघ्न विनाशक, सिद्धि, सुख और समृद्धि प्रदान करने वाले देवता माना गया है। इस बार गणेशोत्सव पर विशेष शुभ योग का निर्माण हो रहा है। जिस कारण से गणेश चतुर्थी बहुत ही मंगलकारी होने जा रही है।
- 10 सितंबर, शुक्रवार को गणेश चतुर्थी के दिन बुद्धि और वाणी के ग्रह बुध और साहस व पराक्रम के कारक माने जाने वाले मंगल ग्रह कन्या राशि में युति होगी। इसके अलावा शुक्र और चंद्रमा की तुला राशि में युति होगी। ज्योतिष में शुक्र और चंद्रमा को महिला प्रधान ग्रह की संज्ञा दी गई है। ऐसे में इन दोनों ग्रहों की युति से गणेश चतुर्थी महिलाओं के लिए बहुत ही खास शुभकारी रहने वाली होगी।
- इसके अलावा गणेश चतुर्थी तिथि पर एक और भी संयोग बनने जा रहा है। इस दिन सूर्य अपनी राशि यानी सिंह में, बुध भी अपनी राशि कन्या में, शनि का स्वयं की राशि मकर में गोचर करना और शुक्र का अपनी राशि तुला में रहना। इन चार ग्रहों का एक साथ स्वयं की राशि में रहना विशेष संयोग का निर्माण हो रहा है। इसके अलावा दो बड़े ग्रह शनि और गुरु का एक साथ वक्री होना भी शुभ संयोग का संकेत है
- ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक करीब 59 साल पहले भी इस तरह का संयोग बना था, जब गणेश चतुर्थी तिथि पर चित्रा नक्षत्र के साथ चार ग्रहों का स्वयं की राशि में थे और चंद्रमा व शुक्र ग्रह का तुला राशि में विराजमान थे। इस तरह के शुभ योग में गणेश चतुर्थी बहुत ही शुभफल दायिनी होगी।
गणेश चतुर्थी 2021 शुभ मुहूर्त
गणेश पूजन के लिए मध्याह्न मुहूर्त -दोपहर 11 बजकर 02 मिनट से लेकर 01 बजकर 32 मिनट तक
अवधि: 2 घंटे 29 मिनट