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फाल्गुन 2020: हिन्दू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के प्रमुख व्रत एवं त्योहार
Sun, 09 Feb 2020 02:12 PM IST
रुस्तम राणा
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: रुस्तम राणा
Updated Sun, 09 Feb 2020 02:12 PM IST
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महाशिवरात्रि 2020
हिन्दू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह सोमवार 10 फरवरी से शुरु हो रहा है। ध्यान रखने वाली बात ये है कि यह फाल्गुन माह पूर्णिमांत के अनुसार होगा। वैदिक पंचांग का यह बारहवां महीना है। धार्मिक रूप से इस महीने कई प्रमुख व्रत एवं त्योहार पड़ते हैं। पंचांग के मुताबिक फाल्गुन महीने की शुरुआत दस फरवरी मघा नक्षत्र से हो रही है। वहीं इसका अंत 09 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में होगा। आइए जानते हैं इस माह के प्रमुख व्रत एवं त्योहार..
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12 फरवरी, बुधवार, द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी
इस बार फाल्गुन या फागुन संकष्टी चतुर्थी 12 फरवरी को है। इस संकष्टी को द्विजप्रिय संकष्टी के नाम से भी जाना जाता है।
13 फरवरी, गुरुवार, कुंभ संक्रांति
कुंभ संक्रांति का आशय सूर्य ग्रह के कुंभ राशि में जाने से है अर्थात 13 फरवरी को सूर्य का कुंभ राशि में गोचर होगा।
19 फरवरी, बुधवार, विजया एकादशी
एकादशी तिथि हिंदू धर्म में खास महत्व रखती है। इसे समस्त पापों का हरण करने वाली तिथि भी कहा जाता है। यह अपने नाम के अनुरूप फल भी देती है। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी विजया एकादशी कहलाती है।
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20 फरवरी, गुरुवार, प्रदोष व्रत
धार्मिक रूप से ये यह पर्व बेहद ही महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, प्रदोष व्रत का संबंध देवों के देव महादेव शंकर जी से जुड़ा है।
21 फरवरी, शुक्रवार, महाशिवरात्रि
शास्त्रों में महाशिवरात्रि का पावन पर्व बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की आराधना करने से समस्त दोषों और ग्रहों के दुष्प्रभाव से मुक्ति मिल जाती है और शिव कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है।
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27 फरवरी, गुरुवार, संकष्टी चतुर्थी
इस बार फाल्गुन या फाल्गुन संकष्टी चतुर्थी 27 फरवरी को है। शास्त्रों में फालगुन महीने की कृष्ण पक्ष चतुर्थी का महात्म्य सबसे ज्यादा माना गया है
23 फरवरी, रविवार, फाल्गुन अमावस्या
फाल्गुन अमावस्या का शास्त्रों में अत्यधिक महत्व बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि फाल्गुन अमास्या पर देवताओं का निवास संगमत तट पर होता है। अतः इस दिन गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में स्नान कर देवों का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए।
25 फरवरी, मंगलवार, फुलैरा दूज
फाल्गुन महीने में शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को फुलैरा दूज मनाई जाती है। इसे फाल्गुन मास में सबसे पावन दिन माना जाता है।
06 मार्च, शुक्रवार, अमालाकी एकादशी
आमलकी एकादशी को आमलक्य एकादशी भी कहा जाता है। आमलकी का मतलब आंवला होता है, जिसे हिन्दू धर्म और आयुर्वेद दोनों में श्रेष्ठ बताया गया है। पद्म पुराण के अनुसार आंवले का वृक्ष भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय होता है।
07 मार्च, शनिवार, प्रदोष व्रत
धार्मिक रूप से ये यह पर्व बेहद ही महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, प्रदोष व्रत का संबंध देवों के देव महादेव शंकर जी से जुड़ा है।
09 मार्च, सोमवार, फाल्गुन पूर्णिमा
इस बार रविवार यानि कि 9 फरवरी को माघ मास की पूर्णिमा है। पूर्णिमा तिथि के दिन पवित्र नदी में स्नान करने के अलावा सूर्य भगवान की पूजा और दान करने की परंपरा भी प्रचलित है।