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Easter 2021: ईस्टर कब है, ईसाई धर्म के लिए बड़ा महत्वपूर्ण है यह दिन

Sat, 03 Apr 2021 07:45 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रुस्तम राणा Updated Sat, 03 Apr 2021 07:45 AM IST
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Easter 2021 date know the religious significance of Easter
ईस्टर 2021 - फोटो : सोशल मीडिया

Easter 2021 Date: ईस्टर संडे ईसाई समुदाय का बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। इस बार 4 अप्रैल को ईस्टर संडे है। दरअसल गुड फ्राइडे के दिन प्रभु यीशु को कई तरह की यातनाएं देते हुए सूली पर चढ़ा दिया गया था। फिर इसके दो दिन बाद रविवार (ईस्टर संडे) को प्रभु यीशु पुन: जीवित हो गए थे। प्रभु के दोबारा जीवित होने की खुशी में ईसाई समुदाय के लोग इस दिन को त्योहार के रूप में मनाते हैं। 

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ईस्टर के 40 दिनों बाद प्रभु यीशु ने त्यागे प्राण 

ईस्टर संडे के दिन बड़ी संख्या में ईसाई धर्म के लोग अपने परिवार संग चर्च में एकत्रित होते हैं और प्रार्थना में भाग लेते हैं। ईस्टर संडे के दिन पर दोबारा जीवित होने के बाद 40 दिनों तक रहकर अपने शिष्यों को सत्य के रास्ते पर चलने का संदेश दिया। 40 दिनों के बाद प्रभु यीशु ने दोबारा अपने प्राण को त्यागकर स्वर्ग की प्राप्ति हुई। 

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ईस्टर डे का महत्व 
गुड फ्राइडे के दिन ईसा मसीह ने सत्य की रक्षा करते हुए और लोगों को सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश देते हुए सूली पर चढ़कर अपने प्राण त्याग दिए थे। माना जाता है कि गुड फ्राइडे पर प्रभु यीशु की मृत्यु के बाद रविवार के दिन फिर से जीवित हो गए। तब से इस खुशी में ईस्टर संडे का पर्व मनाया जाता है।
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आइए जानते हैं ईसाई धर्म के इस सबसे बड़े त्योहार के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां....
  • ईस्टर संडे के दिन अंडों से सजावट की जाती है क्योंकि अंडे को बहुत ही शुभ माना जाता है। अंडे नया उत्साह और नई उंमग से भरने का संदेश देता है। इस दिन लोग एक दूसरों को अंडों को गिफ्ट के रूप में देते हैं।
  • प्रभु यीशु के दोबारा जीवित होने को सबसे पहले मरियम मगदलीनी नामक महिला ने देखा था फिर अन्य महिलाओं को इसके बारे में बताया था। इसलिए सबसे पहले यह पर्व सुबह सवेरे महिलाओं के द्वारा आरंभ होता है।
  • इस दिन सभी लोग गिरजाघरों में एकत्रित होकर पवित्र बाइबल पढ़ते हुए प्रभु यीशु के उपदेशों को याद किया जाता है।  
  • प्रभु यीशु के दोबारा जीवित होने को नव जीवन में बदलाव का प्रतीक माना जाता है।
  • ईस्टर संडे को खजूर इतवार के नाम से भी जाना जाता है।
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