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Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Diwali 2022 Why Goddess Lakshmi Sits On Right Side Of Lord Ganesha Know Story In Hindi

Diwali 2022: माता लक्ष्मी क्यों विराजती है श्रीगणेश के दाहिनी ओर? जानने के लिए पढ़ें ये कथा

Mon, 24 Oct 2022 07:02 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Mon, 24 Oct 2022 07:02 AM IST
सार

गणेश जी को पुत्र मानने के बाद भी क्यों लक्ष्मी जी की पूजा गणेश जी के साथ की जाती है। बिना गणेश पूजन किए किसी भी देवता की पूजा प्रारंभ नहीं होती।

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Diwali 2022 Why Goddess Lakshmi Sits On Right Side Of Lord Ganesha Know Story In Hindi
माता लक्ष्मी और गणेश जी की दिवाली के दिन एक साथ पूजा की जाती है। - फोटो : iStock

विस्तार

Lakshmi Ganesha Story in Hindi: दिवाली का त्योहार 24 अक्तूबर को मनाया जाएगा। इस दिन माता लक्ष्मी और श्री गणेश की पूजा होती है। माता लक्ष्मी और गणेश जी की दिवाली के दिन एक साथ पूजा की जाती है। वैसे तो हम हर स्थान पर श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी को देखते हैं। परंतु यह बात बहुत कम लोग जानते हैं कि गणेश जी को पुत्र मानने के बाद भी क्यों लक्ष्मी जी की पूजा गणेश जी के साथ की जाती है। बिना गणेश पूजन किए किसी भी देवता की पूजा प्रारंभ नहीं होती। तो क्या कारण है माता लक्ष्मी और गणेश जी का पूजन एक साथ किया जाता है। आइए जानते हैं इससे जुड़ी कथा के बारे में। 

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गणेश जी के दाहिनी ओर क्यों विराजती हैं मां लक्ष्मी
माता लक्ष्मी निसन्तान थीं और उन्हें एक पुत्र की कामना थी। ऐसे में वह माता पार्वती के पास गईं। माता पार्वती से उन्होंने प्रार्थना कर कहा कि वे उन्हें अपना एक पुत्र सौंप दें। माता अपर्वती ने उनकी विनती स्वीकार की और गणेश जी को उन्हें दत्तक पुत्र के रूप में प्रदान किया। गणेश जी तभी से माता लक्ष्मी के दत्तक पुत्र के रूप में जाने जाते  हैं। माता लक्ष्मी गणेश जी को पुत्र स्वरूप पाकर बेहद प्रसन्न हुईं। उन्होंने गणेश जी को यह वरदान दिया कि जो भी मेरी पूजा के साथ तुम्हारी पूजा करेगा मैं उसके यहां वास करूंगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसलिए लक्ष्मी जी के साथ हमेशा उनके ‘दत्तक-पुत्र’ भगवान गणेश की पूजा की जाती है। माता सदैव अपने पुत्र के दाहिनी ओर विराजती है इसलिए मां लक्ष्मी गणेश जी के दाहिने ओर विराजमान हैं।
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बुद्धि के साथ धन की प्राप्ति  
लक्ष्मी जी के साथ गणेश पूजन का धार्मिक परिपेक्ष्य देखा जाए तो इसका अर्थ है धन और बुद्धि का सदैव साथ रहना। बिना बुद्धि के धन का रहना व्यर्थ माना जाता है। मान लीजिए आपके पास धन तो है लेकिन उसे इस्तेमाल करने की बुद्धि नहीं है तो आप गलत संगति में लग सकते हैं। इसीलिए धन और बुद्धि का साथ होना आवश्यक है।इसीलिए हर घर में जब भी पूजन किया जाता है तो लक्ष्मी गणेश को साथ स्थापित किया जाता है। 
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