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Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Dhanteras 2022 Know Puja Vidhi of Lord Kuber and Yamraj for Health and Wealth

Dhanteras 2022: धनतेरस पर ऐसे करें भगवान धन्वंतरि, कुबेर और यमराज की पूजा, धन के साथ मिलेगा आरोग्य का वरदान

Sun, 16 Oct 2022 10:35 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विनोद शुक्ला Updated Sun, 16 Oct 2022 10:35 AM IST
सार

सनातन धर्म में दीपावली पर्व की शुरुआत धनतेरस से ही हो जाती है। इस दिन से देवी-देवताओं की पूजा विधिवत और श्रद्धा भाव से करने पर घर में सुख,शांति,वैभव और संपन्नता आती है।

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Dhanteras 2022 Know Puja Vidhi of Lord Kuber and Yamraj for Health and Wealth
Dhanteras 2022: आयुर्वेद के अनुसार भी धर्म,अर्थ,काम और मोक्ष की प्राप्ति स्वस्थ शरीर और दीर्घायु से ही संभव है। - फोटो : istock

विस्तार

Dhanteras 2022 Puja Vidhi : हिंदू पंचाग के अनुसार भगवान विष्णु के अंशावतारऔर देवताओं के वैद्य भगवान धन्वन्तरि का प्राकट्य पर्व कार्तिक कृष्णपक्ष त्रयोदशी को मनाया जाता है। ये पर्व प्रदोष व्यापिनी तिथि में मनाने का विधान है। सनातन धर्म में दीपावली पर्व की शुरुआत धनतेरस से ही हो जाती है। इस दिन से देवी-देवताओं की पूजा विधिवत और श्रद्धा भाव से करने पर घर में सुख,शांति,वैभव और संपन्नता आती है।
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भगवान धन्वंतरि की पूजाविधि
धनतेरस के दिन प्रदोष काल में धन्वन्तरि की मूर्ति या चित्र को स्थापित करें। आरोग्य की उत्तर-उत्तर-पूर्व दिशा में धनवंतरि की आराधना करने से उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। दीपोत्सव के इन पांच दिनों में प्रथम पूज्य गणेशजी के साथ ही धनाधिपति कुबेर और देवी लक्ष्मी की पूजा का विधान भी है। दीपक रखने से पूर्व खील या चावल रखकर उसके ऊपर दीपक जलाएं।अब एक कलश में शुद्ध जल लेकर सभी देवताओं को आचमन कराएं और फिर रोली,कुमकुम,हल्दी,गंध,अक्षत,पान,पुष्प,नैवेद्य या मिष्ठान,फल,दक्षिणा आदि उन्हें अर्पित कर प्रणाम करें और अपने रोगों के नाश की कामना करें। परिवार में दीर्घायु एवं आरोग्यता बनी रहे इसके लिए पूजा के दौरान 'ॐ नमो भगवते धन्वंतराय विष्णुरूपाय नमो नमः'मंत्र का उच्चारण करते रहें। आयुर्वेद के अनुसार भी धर्म,अर्थ,काम और मोक्ष की प्राप्ति स्वस्थ शरीर और दीर्घायु से ही संभव है। शास्त्र भी कहते हैं कि 'शरीर माध्यम खलु धर्म साधनम्' अर्थात-धर्म का साधन भी निरोगी शरीर ही है,तभी आरोग्य रूपी धन के लिए ही भगवान धन्वन्तरि की पूजा आराधना की जाती है। माना जाता है कि इस दिन धन्वन्तरि की पूजा मनुष्य को वर्षपर्यंत निरोगी रखती है।  
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समृद्धि के लिए कुबेर पूजा
धन के देवता कुबेर को आसुरी शक्तियों का हरण करने वाला देवता भी माना गया है। इस दिन सांयकाल में उत्तर दिशा में कुबेर यंत्र को स्थापित कर उन पर गंगाजल छिड़क कर रोली,चावल से तिलक करें,पुष्प चढ़ाएं एवं दीप जलाकर भोग लगाएं व इस मंत्र का जाप करें।
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ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये।
धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥


इसके पश्चात कुबेर जी की आरती व प्रणाम करके अपनी सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।  

यमराज की पूजा
वास्तु के अनुसार दक्षिण दिशा यम की दिशा मानी गई है। धनतेरस के दिन प्रदोषकाल में घर के मुख्य दरवाजे पर यमदेव का स्मरण करके दक्षिणमुख होकर अन्न की ढेरी पर तेल का चारमुखी दीपक स्थापित करना चाहिए। चूंकि यह दीपक मृत्यु के देवता यमराज के निमित्त जलाया जाता है,इसलिए दीप जलाते समय पूर्ण श्रद्धा से उन्हें प्रणाम कर प्रार्थना करें कि वे आपके परिवार पर अपनी दया दृष्टि बनाए रखें और किसी की अकाल मृत्यु न हो।

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