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chaitra navratri 2020: एक क्लिक में जानिए नवरात्रि पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट, घटस्ठापना का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
Wed, 25 Mar 2020 12:10 AM IST
योगेश जोशी
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश जोशी
Updated Wed, 25 Mar 2020 12:10 AM IST
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25 मार्च, बुधवार से चैत्र नवरात्रि शुरू होने वाले हैं। शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। ऐसी मान्यता है कि मां दुर्गा आश्विन मास की शुक्लपक्ष की प्रतिपदा तिथि से आश्विन महीने की नवमी तक स्वर्गलोक से पृथ्वी पर वास करती हैं। नौ दिनों तक पृथ्वी पर रहने के कारण मां के भक्त इन दिनों उपवास और पूजा पाठ करते हैं। इन नौ दिनों तक देवी का अलग-अलग रूपों की उपासना होती है। नवरात्रि पर लोग अपने घरों में कलश स्थापना और माता की चौकी निकालते हैं। आइए जानते हैं नवरात्रि में मां शक्ति की पूजा में किन-किन सामग्रियों का शामिल किया जाता है।
नवरात्रि के लिए पूजा सामग्री
घटस्थापना
घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
25 मार्च, बुधवार
पूजा विधि
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नवरात्रि के लिए पूजा सामग्री
- मां दुर्गा की फोटो या मिट्टी की प्रतिमा
- मां को चढ़ाने के लिए लाल चुनरी
- कलश और घर के मुख्य द्वार के लिए आम की पत्तियां
- चावल, एक आसन (बैठने के लिए), माता पर चढ़ाने के लिए सिंदूर
- दुर्गा सप्तशती की किताब
- लाल कलावा, चंदन, गंगा जल, शहद
- नारियल, कपूर, देशी घी
- जौ के बीज, मिट्टी का बर्तन, पान के पत्ते
- गुलाल, लाल फूल विशेषकर गुड़हल का फूल, माला
- सुपारी, लौंग, इलायची
घटस्थापना
- नवरात्रि प्रारंभ होते ही घट स्थापना की जाती है। घट स्थापना करने से घर में सकारात्मकता का वास होता है और घर में खुशहाली आ जाती है। घटस्थापना के बाद नौ दिनों तक अखंड ज्योति जलाई जाती है औक विधि- विधान से पूजा- अर्चना की जाती है। घटस्थापना के बाद ही उपवास का प्रण लेकर उपवास रखे जाते हैं।
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घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
25 मार्च, बुधवार
- सुबह 6 बजकर 19 मिनट से 7 बजकर 17 मिनट तक
पूजा विधि
- सुबह जल्दी उठ कर स्नान करें।
- स्नान के बाद साफ और स्वच्छ कपड़े पहने।
- घर के मंदिर में साफ-सफाई करें।
- मंदिर में साफ-सफाई करने के बाद मंदिर में एक साफ-सुथरी चौकी बिछाएं।
- गंगाजल छिड़क कर चौकी को पवित्र करना न भूलें।
- चौकी के समक्ष किसी बर्तन में मिट्टी फैलाकर ज्वार के बीज बो दें।
- मां दुर्गा की प्रतिमा को चौकी पर स्थापित करें और दुर्गा जी का रोली से तिलक करें।
- नारियल में भी तिलक लगाएं।
- फूलों का हार दुर्गा जी की प्रतिमा को पहनाएं।
- कलश स्थापना करने से पहले कलश पर स्वास्तिक अवश्य बना लें।
- कलश में जल, अक्षत, सुपारी, रोली एवं मुद्रा (सिक्का) डालें और फिर एक लाल रंग की चुन्नी से लपेट कर रख दें।