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Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Basant Panchmi 2022 Shri Panchami is celebrated for 24 hours Vasant Panchami is celebrated in Kedar and Buddhaditya Mahayoga

Basant Panchmi 2022: 24 घण्टे रहेगी श्री पंचमी, केदार व बुधादित्य महायोग में मनाई जाएगी वसंत पंचमी

Sat, 05 Feb 2022 07:39 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिषाचार्य आचार्य पण्डित रामचन्द्र शर्मा वैदिक
ज्योतिषाचार्य आचार्य पण्डित रामचन्द्र शर्मा वैदिक Published by: श्वेता सिंह Updated Sat, 05 Feb 2022 07:39 AM IST
सार

Basant Panchmi 2022: बसंत पंचमी का पर्व माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। यह  तिथि अबूझ संज्ञक शुभ मुहूर्त की श्रेणी में आती है। इस  श्री पंचमी का पर्व कुछ खास ज्योतिषीय योग में मनाया जाएगा। 
 

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Basant Panchmi 2022 Shri Panchami is celebrated for 24 hours  Vasant Panchami is celebrated in Kedar and Buddhaditya Mahayoga
Basant Panchmi 2022: बसंत पंचमी को श्री पंचमी व श्री राधा श्याम सुंदर पंचमी आदि नामों से भी जाना जाता है । - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Basant Panchmi 2022: विद्या की अधिष्ठात्री देवी  का प्राकट्य योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण के कंठ से हुआ इसीलिए मां सरस्वती कहलाईं। बसंत पंचमी को श्री पंचमी व श्री राधा श्याम सुंदर पंचमी आदि नामों से भी जाना जाता है । वसंत पंचमी का पर्व माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। यह  तिथि अबूझ संज्ञक शुभ मुहूर्त की श्रेणी में आती है। इस श्री पंचमी का पर्व कुछ खास ज्योतिषीय योग में मनाया जाएगा। 

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वसंत पंचमी तिथि 
पंचमी तिथि का आरंभ शुक्रवार की रात्रि 3 बजकर 46 मिनट से होगा। शनिवार को पंचमी अपर रात्रि 3 बजकर 46 मिनिट तक अर्थात 24 घण्टे तक रहेगी।  5 फरवरी शनिवार को वसन्त पंचमी पर कुछ खास योग निर्मित हो रहे है। 

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Basant Panchmi 2022: सिद्ध व साध्य योग, सूर्य बुध का बुधादित्य योग,सभी सात ग्रह चार भावों में स्थित होकर केदार नामक राजयोग बसंत पंचमी को श्री प्रदान कर विशेष बना रहे हैं।

इन खास ज्योतिषीय योग में मनाई जाएगी बसंत पंचमी 
सिद्ध व साध्य योग, सूर्य बुध का बुधादित्य योग,सभी सात ग्रह चार भावों में स्थित होकर केदार नामक राजयोग वसंत पंचमी को श्री प्रदान कर विशेष बना रहे हैं। बृहस्पति प्रधान मीन राशि का चंद्रमा ,सूर्य व शनि (दोनों पिता पुत्र की उपस्थिति मकर राशि मे ) वर्षों बाद वसन्त पंचमी का पर्व इन शुभ योग में मनेगा। बुधादित्य योग विद्यार्थियों को  शिक्षा में सफलता प्रदान करता है। केदार योग व्यक्ति को सुखी व समृद्धता प्रदान कर शाही सुख  व आनन्द की प्राप्ति कराने में सहायक होता है। यह योग देश के यशस्वी प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी, फ़िल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन व बिल गेट्स की पत्रिका में भी देखने को मिलता है। केदार योग व्यक्ति को महान व समृद्ध बनाता है। इन पर मां सरस्वती की कृपा बनी रहती है। सिद्ध व साध्य योग कार्यसिद्धि में सहायक होते है। आज का दिन इन महायोगों की उपस्थिति से निश्चित ही शुभता के साथ समृद्धि प्रदान करने वाला होगा। इस योग में विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती के पूजन से मां की कृपा के साथ शुभ योगों की उपस्थिति जीवन में सुख,शांति व समृद्धि प्रदान कर बुद्धि को निर्मल बनाएगी। वसंत पंचमी साधकों को राष्ट्रीय भावना प्रदान कर लोकहित में संघर्ष करने की प्रेरणा भी प्रदान करती है। 

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Basant Panchmi 2022: ज्ञान एवं वाणी की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती का प्राकट्य श्री कृष्ण के कंठ से हुआ इसीलिए ये सरस्वती के नाम से प्रसिद्ध हुई।

ऐसे हुआ मां सरस्वती का प्राकट्य 
विद्या, बुद्धि ,ज्ञान एवं वाणी की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती का प्राकट्य श्री कृष्ण के कंठ से हुआ इसीलिए ये सरस्वती के नाम से प्रसिद्ध हुई। ये ब्रह्म स्वरूपा,कामधेनु व समस्त देवों की प्रतिनिधि है। वसंत पंचमी खास मायने में वैदिकों का दिन माना जाता है। आज के दिन वैदिक विद्वानों का सत्कार व सम्मान भी किया जाता है। 

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Basant Panchmi 2022: विद्या आरंभ करने का श्री पंचमी प्रमुख दिन है। - फोटो : istock

विद्या आरंभ का दिन 
विद्या आरंभ करने का श्री पंचमी प्रमुख दिन है। आज के दिन मां सरस्वती का पंच, दस व सोलह उपचारों से पूजन किया जाता है। मां को सफेद व पीले वस्त्र व पुष्प भी चढ़ाए जाते है। पुस्तक व लेखनी में भी सरस्वती का निवास माना जाता है अतः इनकी पूजा भी की जाती है।       

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