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Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Ashadha Month 2024 Start End Date What To Do and not to do In Ashadha maah

Ashadha Month 2024: 2 दिन बाद शुरू होगा आषाढ़ माह, जानें क्या करें और क्या नहीं

Fri, 21 Jun 2024 10:49 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Fri, 21 Jun 2024 10:49 AM IST
सार

Ashadha Maah mein Kya Karein Kya Nahin: धार्मिक शास्त्रों के अनुसार प्रत्येक माह का विशेष महत्व है और हर महीना किसी न किसी देवी देवता को समर्पित होता है। 23 जून से आषाढ़ माह आरंभ होने जा रहा है और इसका समापन 21 जुलाई को होगा।  

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Ashadha Month 2024 Start End Date What To Do and not to do In Ashadha maah
आषाढ़ माह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Ashadha Month 2024 Do and Don'ts: धार्मिक शास्त्रों के अनुसार प्रत्येक माह का विशेष महत्व है और हर महीना किसी न किसी देवी देवता को समर्पित होता है। 23 जून से आषाढ़ माह आरंभ होने जा रहा है और इसका समापन 21 जुलाई को होगा।  धार्मिक मान्यताओं के आधार पर आषाढ़ का महीना भगवान विष्णु को समर्पित है। आषाढ़ के महीने से भगवान विष्णु 4 महीने के लिए योगनिद्रा में लीन हो जाते हैं। आषाढ़ माह में ही देवशयनी एकादशी पड़ती है। शास्त्रों के अनुसार देवशयनी एकादशी के बाद से सभी प्रकार के मांगलिक और शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है। इस माह में श्री हरि का पूजन करना विशेष फलदायी माना गया है। आइए जानते हैं इस माह में कौन से कार्य करने चाहिए और कौन से नहीं। 

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आषाढ़ माह में क्या करें

  • आषाढ़ मास में हर रोज ब्रह्म मुहूर्त में उठकर तुलसी पूजा करें और मंत्र व जप का ध्यान करें।
  • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय, ॐ नमः शिवाय, ॐ रामदूताय नमः, ॐ क्रीं कृष्णाय नमः और ॐ रां रामाय नमः मंत्रों का जप करें।
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  • हर रोज सूर्यदेव को अर्घ्य दें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
  • आषाढ़ मास में भगवान विष्णु माता लक्ष्मी, भगवान शिव माता पार्वती, सूर्यदेव की पूजा करने का विधान है।
  • आषाढ़ मास में में दान, यज्ञ, व्रत, देव पूजा, पितृ पूजा करने से भाग्य का साथ मिलता है और सभी सुखों की प्राप्ति होती है।
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  • गरीब व जरूरतमंद लोगों की मदद करें और धन, कपड़ा, छाता, जल, अनाज आदि का दान करना चाहिए।
  • आषाढ़ मास में तीर्थयात्रा करने का विशेष महत्व है। ऐसा करने से शारीरिक और आध्यात्मिक लाभ मिलता है।


आषाढ़ माह में क्या न करें

  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आषाढ़ माह में शादी, विवाह जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते।  
  • इतना ही नहीं, इस माह में बासी खाना खाने की भी मनाही होती है।  
  • ज्योतिष शास्त्र में आषाढ़ माह में जल का अपमान करना भी अशुभ बताया गया है, ऐसे में पानी को बर्बाद न करें। 
  • शास्त्रों के अनुसार इस माह में तामसिक भोजन जैसे शराब , मांस और मदिरा आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।  

कब से शुरू है आषाढ़ माह 2024?
आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 22 जून दिन शनिवार को सुबह 06 बजकर 37 मिनट से प्रारंभ हो जाएगी। इस तिथि का समापन 23 जून रविवार को प्रातः  05:12 मिनट पर होगा।  ऐसे में उदयातिथि के आधार पर देखा जाए तो आषाढ़ माह की शुरूआत 23 जून रविवार से होगी। 23 जून से शुरू हो रहे आषाढ़ माह के पहले दिन 3 शुभ योग बन रहे हैं। उस दिन ब्रह्म योग सुबह से लेकर दोपहर 02:27 तक है। ब्रह्म योग में आषाढ़ माह की शुरूआत होगी। वहीं शाम के समय में दो शुभ योग त्रिपुष्कर और सर्वार्थ सिद्धि बनेंगे। 

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