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आंवला नवमी पर आवंले के पेड़ की पूजा का क्यों है महत्व ? जानिए विष्णु-लक्ष्मी की कृपा के लिए उपाय

Thu, 30 Oct 2025 12:11 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Thu, 30 Oct 2025 12:11 PM IST
सार

Amla Navami 2025: कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आंवला नवमी या अक्षय नवमी के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा करने से जीवन में सौभाग्य, धन और सुख-समृद्धि का वास होता है।

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Amla Navami 2025 Date Significance of Amla Tree Puja Upay And Importance in Hindi
Amla Navami 2025: कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आंवला नवमी या अक्षय नवमी के रूप में मनाया जाता है। - फोटो : adobe

विस्तार

Amla Navami 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आंवला नवमी या अक्षय नवमी के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा करने से जीवन में सौभाग्य, धन और सुख-समृद्धि का वास होता है। आंवले का वृक्ष विष्णु स्वरूप माना गया है, इसलिए इसकी पूजा करने से पाप नष्ट होते हैं और भाग्य के द्वार खुल जाते हैं। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का संचार होता है।
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1. आंवले के वृक्ष की पूजा करें
आंवला नवमी के दिन प्रातः स्नान कर पीले वस्त्र धारण करें। आंवले के वृक्ष के नीचे दीपक जलाकर जल, चावल, फूल और हल्दी से उसकी पूजा करें। इसके बाद वृक्ष की सात परिक्रमा करते हुए “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
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2. लक्ष्मी-नारायण की संयुक्त आराधना करें
इस दिन घर या आंवले के वृक्ष के नीचे भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। तिलक, पुष्प, दीप और धूप से पूजा कर पीले या लाल पुष्प अर्पित करें। माता लक्ष्मी को खीर और भगवान विष्णु को तुलसीपत्र चढ़ाएं। इस पूजा से घर में धन और समृद्धि का आगमन होता है।
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3. आंवले के नीचे भोजन करें
धार्मिक मान्यता है कि आंवले के वृक्ष के नीचे बैठकर भोजन करने से भगवान विष्णु और सभी देवताओं का आशीर्वाद मिलता है। इसलिए इस दिन परिवार सहित वृक्ष के नीचे प्रसाद रूपी भोजन करें। इससे घर में शांति, एकता और सौभाग्य बढ़ता है।

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4. मंत्र जप करें
यदि जीवन में बार-बार रुकावटें आ रही हों तो आंवला नवमी के दिन आंवले के वृक्ष की जड़ में जल चढ़ाकर “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। इसके बाद वृक्ष की एक छोटी टहनी घर की उत्तर दिशा में रख दें। यह उपाय भाग्यवृद्धि और आर्थिक उन्नति में सहायक माना गया है।


5. दान का पुण्य करें
आंवला नवमी के दिन दान करने का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन ब्राह्मणों, गरीबों या जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या दक्षिणा का दान करें। आंवले के फल या उससे बनी वस्तुओं का वितरण भी शुभ फल देता है। ऐसा करने से विष्णु-लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और घर में दरिद्रता का नाश होता है।

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6. आंवले का दीपक जलाएं
शाम के समय आंवले के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाकर माता लक्ष्मी से धन वृद्धि और सुख-समृद्धि की कामना करें। यह उपाय आर्थिक संकटों को दूर करता है और घर में धन की स्थिरता लाता है।

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