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Ahoi Ashtami 2021: गुरु-पुष्य शुभ योग में अहोई अष्टमी आज, जानिए पूजा शुभ मुहूर्त और विधि
Thu, 28 Oct 2021 10:33 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Thu, 28 Oct 2021 10:33 AM IST
सार
28 अक्तूबर को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट से अष्टमी तिथि आरंभ हो जाएगी जो 29 अक्तूबर की दोपहर 02 बजकर 10 मिनट तक रहेगी। अहोई अष्टमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त 28 अक्तूबर को शाम 05 बजकर 40 मिनट से शाम 06 बजकर 56 मिनट तक रहेगा।
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Ahoi Ashtami 2021: इस वर्ष अहोई अष्टमी 28 अक्तूबर को है और इस दिन एक और विशेष शुभ मुहूर्त भी है।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Ahoi Ashtami 2021: आज संतान के सुख, समृद्धि और लंबी आयु के लिए माताएं अहोई अष्टमी का उपवास रख रही हैं। हिंदू धर्म में संतान की मंगलकामना, सुख, समृद्धि, वैभव और तरक्की के महिलाएं सालभर में कई उपवास-व्रत रखती हैं। अहोई अष्टमी भी एक ऐसा पर्व है जिसमें माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और जीवन में सफलता प्राप्ति के लिए व्रत रखती हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर अहोई अष्टमी का व्रत रखा जाता है। इसमें मां पार्वती की अहोई देवी के रूप में पूजा-उपासना होती हैं। इस वर्ष अहोई अष्टमी 28 अक्तूबर को है और इस दिन एक और विशेष शुभ मुहूर्त भी है। 28 अक्तूबर को गुरु-पुष्य नक्षत्र का महामुहूर्त भी बन रहा है। ज्योतिष में गुरु-पुष्य नक्षत्र योग को बहुत ही शुभ माना जाता है। इसमें नया कार्य और खरीदारी करना बहुत ही शुभ फलदायी माना जाता है। आइए जानते है अहोई अष्टमी व्रत का महत्व,पूजा विधि और शुभ मुहूर्त।
अहोई अष्टमी का महत्व
कार्तिक माह में अहोई अष्टमी व्रत का विशेष महत्व होता है। इसमें माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा अर्चना करती हैं। अहोई अष्टमी का व्रत भी निर्जला व्रत होता है। इसमें माताएं दिन भर उपवास करते हुए पूजा-पाठ करती हैं। हिन्दू पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन अहोई अष्टमी व्रत रखा जाता है। महिलाएं इस दिन अपनी संतान की दीर्घायु और सुखी जीवन के लिए उपवास करती हैं। साथ ही अहोई देवी की पूजा करती हैं।
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अहोई अष्टमी 2021 तिथि और शुभ मुहूर्त
इस साल अहोई अष्टमी बहुत ही शुभ संयोग और मुहूर्त में मनाया जा रहा है। 28 अक्तूबर को गुरु-पुष्य नक्षत्र का योग भी बन रहा है इसके अलावा इस दिन पर सर्वार्थसिद्धि योग भी है। ऐसे में अहोई अष्टमी पर शुभ मुहूर्त में पूजा करना बहुत ही शुभ रहेगा। 28 अक्तूबर को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट से अष्टमी तिथि आरंभ हो जाएगी जो 29 अक्तूबर की दोपहर 02 बजकर 10 मिनट तक रहेगी। अहोई अष्टमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त 28 अक्तूबर को शाम 05 बजकर 40 मिनट से शाम 06 बजकर 56 मिनट तक रहेगा।
अहोई अष्टमी 2021 पूजा विधि
अहोई अष्टमी के दिन सबसे पहले सुबह जल्दी स्नान कर पूजा का संकल्प लेना चाहिए। फिर इसके बाद पूरे दिन निर्जला व्रत रखते हुए भजन कीर्तन और मंत्र का जाप करें। शाम के समय पूजा मुहूर्त से पहले सभी तरह के पूजन सामग्री को एकत्रित करके पूजा आरंभ करनी चाहिए। पूजा स्थान की साफ-सफाई करके दीवार पर अहोई माता की तस्वीर लगाएं। इसके बाद माता पार्वती और भगवान गणेश की मूर्ति को स्थापित करें। अहोई माता की तस्वीर को रोली,चावल, फूल और गंगाजल से पूजन करें। पूजन के बाद माताएं अहोई माता की आरती और कथा सुनें और अंत में अपने बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए व्रत का पारण करें।
अहोई अष्टमी 2021 और गुरु-पुष्य नक्षत्र का संयोग
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सभी 27 नक्षत्रों में कुछ नक्षत्र बहुत ही शुभ और फलदायी माने जाते हैं जिसमें से गुरु-पुष्य नक्षत्र बहुत खास होता है। 28 अक्तूबर को पूरे दिन और रात के समय पुष्य नक्षत्र रहेगा। जब भी गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र पड़ता है इसे गुरु-पुष्य नक्षत्र कहा जाता है। ऐसा शुभ संयोग साल में एक से दो बार ही बनता है। गुरु पुष्य नक्षत्र में खरीदारी करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इसके अलावा 28 अक्तूबर को पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योगऔर अमृत सिद्धि योग भी रहेगा।
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अहोई अष्टमी का महत्व
कार्तिक माह में अहोई अष्टमी व्रत का विशेष महत्व होता है। इसमें माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा अर्चना करती हैं। अहोई अष्टमी का व्रत भी निर्जला व्रत होता है। इसमें माताएं दिन भर उपवास करते हुए पूजा-पाठ करती हैं। हिन्दू पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन अहोई अष्टमी व्रत रखा जाता है। महिलाएं इस दिन अपनी संतान की दीर्घायु और सुखी जीवन के लिए उपवास करती हैं। साथ ही अहोई देवी की पूजा करती हैं।
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अहोई अष्टमी 2021 तिथि और शुभ मुहूर्त
इस साल अहोई अष्टमी बहुत ही शुभ संयोग और मुहूर्त में मनाया जा रहा है। 28 अक्तूबर को गुरु-पुष्य नक्षत्र का योग भी बन रहा है इसके अलावा इस दिन पर सर्वार्थसिद्धि योग भी है। ऐसे में अहोई अष्टमी पर शुभ मुहूर्त में पूजा करना बहुत ही शुभ रहेगा। 28 अक्तूबर को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट से अष्टमी तिथि आरंभ हो जाएगी जो 29 अक्तूबर की दोपहर 02 बजकर 10 मिनट तक रहेगी। अहोई अष्टमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त 28 अक्तूबर को शाम 05 बजकर 40 मिनट से शाम 06 बजकर 56 मिनट तक रहेगा।
अहोई अष्टमी 2021 पूजा विधि
अहोई अष्टमी के दिन सबसे पहले सुबह जल्दी स्नान कर पूजा का संकल्प लेना चाहिए। फिर इसके बाद पूरे दिन निर्जला व्रत रखते हुए भजन कीर्तन और मंत्र का जाप करें। शाम के समय पूजा मुहूर्त से पहले सभी तरह के पूजन सामग्री को एकत्रित करके पूजा आरंभ करनी चाहिए। पूजा स्थान की साफ-सफाई करके दीवार पर अहोई माता की तस्वीर लगाएं। इसके बाद माता पार्वती और भगवान गणेश की मूर्ति को स्थापित करें। अहोई माता की तस्वीर को रोली,चावल, फूल और गंगाजल से पूजन करें। पूजन के बाद माताएं अहोई माता की आरती और कथा सुनें और अंत में अपने बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए व्रत का पारण करें।
अहोई अष्टमी 2021 और गुरु-पुष्य नक्षत्र का संयोग
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सभी 27 नक्षत्रों में कुछ नक्षत्र बहुत ही शुभ और फलदायी माने जाते हैं जिसमें से गुरु-पुष्य नक्षत्र बहुत खास होता है। 28 अक्तूबर को पूरे दिन और रात के समय पुष्य नक्षत्र रहेगा। जब भी गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र पड़ता है इसे गुरु-पुष्य नक्षत्र कहा जाता है। ऐसा शुभ संयोग साल में एक से दो बार ही बनता है। गुरु पुष्य नक्षत्र में खरीदारी करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इसके अलावा 28 अक्तूबर को पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योगऔर अमृत सिद्धि योग भी रहेगा।