Sirmour: मारकंडा नदी में बहने से युवक की मौत, शिलाई में खड्ड में बही कार
बारिश के चलते शिलाई क्षेत्र में 18 और संगड़ाह उपमंडल में 12 सड़कें बंद रहीं। इससे लोक निर्माण विभाग को 41.20 लाख की चपत लगी। जलशक्ति विभाग की नौहराधार, नाहन, पावंटा साहिब और रेणुकाजी में दर्जनों पेयजल और सिंचाई योजनाएं ठप हो गईं।
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हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया। जिला मुख्यालय नाहन के समीप बहने वाली मारकंडा नदी में एक युवक की बहने से मौत हो गई। रात को हुई तेज बारिश ने जिले के ट्रांसगिरि क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। क्यारी गुंडाह में एक कार बाढ़ की चपेट में आने से खड्ड में बह गई। हालांकि, इसमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। टिंबी बाजार में बारिश का पानी कई दुकानों में घुस गया। वहीं, संगड़ाह के सैंज गांव में लायकराम का एक कच्चा मकान और गोशाला क्षतिग्रस्त हो गई। राजस्व विभाग ने इसका 60,000 रुपये का नुकसान आंका है। बारिश के चलते शिलाई क्षेत्र में 18 और संगड़ाह उपमंडल में 12 सड़कें बंद रहीं। इससे लोक निर्माण विभाग को 41.20 लाख की चपत लगी। जलशक्ति विभाग की नौहराधार, नाहन, पावंटा साहिब और रेणुकाजी में दर्जनों पेयजल और सिंचाई योजनाएं ठप हो गईं। इससे विभाग को 1.11 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार देर शाम मारकंडा नदी पार करते हुए एक युवक पानी में बह गया। युवक की पहचान 23 वर्षीय मंगल सिंह पुत्र मदनलाल निवासी गांव रुखड़ी, ग्राम पंचायत सतीवाला के तौर पर हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद शव बरामद किया। पुलिस अधीक्षक ओमापति जम्वाल ने बताया कि पोस्टमार्टम करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। उधर, शिलाई उपमंडल की ग्राम पंचायत क्यारी गुंडाह में एक कार पानी में बह गई। बताया जा रहा है कि बीते रोज शाम के समय राजेंद्र सिंह अपनी रिश्तेदारी में क्यारी गांव में गया हुआ था। रात के समय उसने अपनी गाड़ी को खाले के समीप खड़ा कर दिया। इस बीच जोरदार बारिश से खाले में अचानक बाढ़ से कार चपेट में आ गई और पानी के साथ खड्ड में बह गई।
बारिश से 12 घंटे बंद रहा पांवटा साहिब-शिलाई एनएच-707
मंगलवार की रात क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के बीच पांवटा साहिब-शिलाई एनएच 12 घंटे बंद रहा। इस बीच सड़क पर सफर तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। हालात इतने बदतर हो गए कि सड़क ने एक खड्ड का रूप ले लिया था सतौन और शिलाई के बीच आधा दर्जन स्थानों पर सड़क बंद रही, जिसमें मुख्य तौर पर चिलोंन, हेवना, खजियार, कमरऊ, तिलोरधार के समीप सड़क भूस्खलन से बंद रही। जितेंद्र चौहान, प्रवेश शर्मा, रामचंद्र, सुरेंद्र शर्मा आदि ने बताया कि सड़क पूरी तरह टूट चुकी है। बरसात के कारण मलबा सड़क पर आने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। खजियार के स्थानीय ग्रामीण प्रवेश शर्मा ने कार्य कर रही निजी कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने अपने क्रॅशर बचाने के लिए पानी का रुख सड़क पर मोड़ दिया है। इस बीच सरकारी और निजी बसों समेत दर्जनों वाहन सड़क पर फंसे रहे। कमरऊ के नायब तहसील कलम सिंह ने मौके पर जाकर हालात का मुआयना किया। उनके साथ कार्यालय कानूनगो भी मौजूद रहे।नायब तहसीलदार कमरऊ कलम सिंह राजपूत ने बताया कि बीती रात क्षेत्र में भारी बरसात के कारण सड़क में भूस्खलन हुआ है। पानी सड़क पर न छोड़ने की हिदायतें दे दी गई हैं।