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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Who will be the next DGP of Himachal Pradesh

Himachal News: अगला डीजीपी कौन, अप्रैल में रिटायर हो रहे कुंडू, उससे पहले हटाना होगा सरकार को

Wed, 27 Dec 2023 12:43 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 27 Dec 2023 12:43 PM IST
सार

संजीव रंजन ओझा 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह केंद्रीय प्रतिनियु़क्ति से लौट चुके हैं और कुंडू के बाद वरिष्ठता में सबसे आगे हैं।

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Who will be the next DGP of Himachal Pradesh
महानिदेशालय, हिमाचल प्रदेश पुलिस। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अगले पुलिस महानिदेशक कौन होंगे, अब इसकी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू को हटाने की अधिसूचना अब कभी भी जारी हो सकती है। हिमाचल काडर के पुलिस अधिकारियों की बात करें तो इनमें वरिष्ठतम पुलिस अधिकारी 1988 बैच के तपन कुमार डेका हैं। डीजीपी संजय कुंडू 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।

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वह वरिष्ठता में डेका के बाद आते हैं। डेका केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं और उच्च पद पर आसीन हैं। कुंडू वैसे भी अप्रैल में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। संजीव रंजन ओझा 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह केंद्रीय प्रतिनियु़क्ति से लौट चुके हैं और कुंडू के बाद वरिष्ठता में सबसे आगे हैं।
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ओझा के बाद 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी श्याम भगत नेगी हैं, जो केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर ही हैं। उनके बाद 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी अतुल वर्मा हैं। वह भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौट चुके हैं। उसके बाद आने वाले 1993 बैच के अनुराग गर्ग भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौट चुके हैं।
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इसी बैच में अशोक तिवारी और ऋत्विक रुद्र आते हैं। 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी राकेश अग्रवाल भी केंद्र से लौट चुके हैं। इसी बैच के अगले अधिकारी जहूर हैदर जैदी हैं। जैदी के बाद 1995 बैच में एसपी सिंह और एन वेणुगोपाल हैं। उनके बाद 1996 बैच में सतवंत अटवाल त्रिवेदी, अजय कुमार यादव और अभिषेक त्रिवेदी हैं।

न्यायालय पर था पूरा विश्वास : निशांत
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय से आए फैसले को लेकर पालमपुर के व्यवसायी के निशांत शर्मा ने कहा कि आज उनके हक में फैसला आया। इसके लिए वह दिल से उच्च न्यायालय के आभारी हैं। फैसले से विश्वास और बढ़ गया है कि न्यायालय एक मंदिर है और यहां पर गरीब से लेकर अमीर सभी को न्याय मिलता है।


उनकी कोई गलती भी नहीं थी। लेकिन पुलिस ने उन्हें प्रताड़ित किया और उनके खिलाफ बिना कोई कारण शिमला में एफआईआर दर्ज करवा दी गई। उधर, इस मामले में जब पुलिस अधीक्षक कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री का पक्ष लेना चाहा तो न उन्होंने फोन नहीं उठाया और न ही व्हाट्सएप मैसेज का जवाब दिया।

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