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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Water Supply Scam: Two reports of 120 pages each are ready in the scam, Vigilance will submit it to the govern

Water Supply Scam: गड़बड़झाले में 120 पन्नों की दो रिपोर्ट तैयार, सरकार को सौंपेगी विजिलेंस

Fri, 17 Jan 2025 09:57 AM IST
Krishan Singh धर्मेंद्र पंडित, शिमला
धर्मेंद्र पंडित, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 17 Jan 2025 09:57 AM IST
सार

 शिमला जिले के ठियोग विधानसभा क्षेत्र में टैंकरों से पानी की आपूर्ति में करोड़ों के गड़बड़झाले में विजिलेंस ने जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है। 

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Water Supply Scam: Two reports of 120 pages each are ready in the scam, Vigilance will submit it to the govern
ठियोग पेयजल घोटाला। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के ठियोग विधानसभा क्षेत्र में टैंकरों से पानी की आपूर्ति में करोड़ों के गड़बड़झाले में विजिलेंस ने जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसमें दो रिपोर्ट बनाई गई हैं। 50 पन्नों वाली पहली रिपोर्ट में बैंक खातों का ब्योरा और करीब 70 पन्नों की दूसरी रिपोर्ट में इंजीनियरों और ठेकेदारों की ओर से बरती गई अनियमितताओं से संबंधित है। आज विजिलेंस की टीम अपनी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंपेगी। प्रदेश सरकार की ओर से मामले में एफआईआर करने की अनुमति मिलती है तो इस मामले में चौंकाने वाले खुलासे होंगे।

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विजिलेंस को यह भी बता चला है कि कई ठेकेदारों को लगातार टेंडरों का आवंटन हुआ है। पानी के अलावा यह अन्य टेंडर हैं। हालांकि, टेंडर की प्रक्रिया आनलाइन है, लेकिन इसमें भी ठेकेदार आपस में मिलकर टेंडर भरते हैं। ठेकेदारों को कब कब टेंडर आवंटित हुए हैं? किस ठेकेदार के पास कितने काम हैं? इसका खुलासा मामला दर्ज होने के बाद ही होगा। विजिलेंस की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट में एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई है। सूत्र बताते हैं कि जल शक्ति विभाग के निलंबित इंजीनियरों, ठेकेदारों और लोगों के बयान आपस में मेल नहीं खा हो रहे हैं। जल शक्ति विभाग की ओर से जारी किया किए गए टेंडर की शर्तों के मुताबिक कार्य नहीं हुआ है।

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शर्तों के मुताबिक लेलू पुल के पास से स्वच्छ पानी की सप्लाई की जानी थी, लेकिन जांच में सामने आया है कि ठेकेदार ने इस स्थान से टैंकरों और पिकअप में पानी भरा ही नहीं। टैंकर और पिकअप के चालक नालों से पानी भरकर ले गए। आरोप हैं कि ठेकेदारों ने जल शक्ति विभाग के दफ्तर में कर्मचारियों के साथ मिलकर बिल तैयार किए हैं। इसमें निलंबित इंजीनियरों, लिपिक की लापरवाही सामने आई है। अधिशासी अभियंता ने जूनियर इंजीनियरों की ओर से तैयार किया गया बिल बिना जांचे आगे सरका दिया और पैसा जारी करने के लिए फाइल एसडीएम को भेज दी। इसके बाद इन ठेकेदारों को पेमेंट जारी कर दी गई।

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अब तक 90 लोगों से पूछताछ, जल्द दर्ज हो सकता है केस
जिला शिमला के ठियोग विधानसभा क्षेत्र में पानी के गड़बड़झाले में विजिलेंस ने अब तक 90 लोगों से पूछताछ कर उनकरे बयान दर्ज किए हैं। यह पूछताछ एसडीएम ठियोग, निलंबित इंजीनियर, टैंकर चालक और और ठेकेदारों से हुई है।

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