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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Vimal Negi Death Case: Report reveals that pressure was created to give benefits to the company in Pekhubela p

Vimal Negi Death Case: रिपोर्ट में खुलासा, पेखुबेला प्रोजेक्ट में कंपनी को लाभ देने के लिए विमल पर बनाया दबाव

Sat, 24 May 2025 11:12 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 24 May 2025 11:12 AM IST
सार

हाईकोर्ट में सौंपी गई अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा और डीजीपी अतुल वर्मा की रिपोर्ट में पेखुबेला सौर ऊर्जा परियोजना में कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए षड्यंत्र रचने का भी खुलासा हुआ है।

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Vimal Negi Death Case: Report reveals that pressure was created to give benefits to the company in Pekhubela p
विमल नेगी(फाइल) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल हाईकोर्ट में सौंपी गई अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा और डीजीपी अतुल वर्मा की रिपोर्ट में पेखुबेला सौर ऊर्जा परियोजना में कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए षड्यंत्र रचने का भी खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, चीफ इंजीनियर विमल नेगी पर कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए लगातार दबाव डाला गया था। परियोजना में गंभीर अनियमितताओं की ओर से इशारा किया गया है। रिपोर्ट में पेखुबेला प्रोजेक्ट मामले की जांच किसी विशेषज्ञ या स्वतंत्र एजेंसी से करवाने की सिफारिश भी की गई है।

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हाईकोर्ट के फैसले में भी इसका हवाला दिया गया है। इस रिपोर्ट में एक्सटेंशन ऑफ टाइम (ईओटी) कमेटी के हवाले से बताया गया है कि विमल नेगी को कंपनी की ओर से देरी के दिवसों को 45 से घटाकर 23 दिन करने के लिए मजबूर किया गया। इस दौरान उन्हें आप प्रॉब्लम में आ जाओगे... जैसी धमकियां भी दी थीं। रिपोर्ट में यह उल्लेख है कि देसराज समिति के सदस्य न होने के बावजूद हस्तक्षेप कर रहे थे। बयानों में कहा है कि विमल नेगी पर परियोजना का राजस्व अनुमान 19 करोड़ से बढ़ाकर 25 करोड़ करने का दबाव डाला।

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नेगी पर कंपनी को 10 फीसदी भुगतान जारी करने के लिए लगातार दबाव डाला जा रहा था, जबकि ईओटी को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की ओर से अनुमोदित नहीं किया था। रिपोर्ट के अनुसार दो अधिकारियों की ओर से कथित तौर पर कंपनी को 10 फीसदी भुगतान जारी करने के लिए साजिश रची गई। रिपोर्ट में पावर कॉरपोरेशन में कुप्रबंधन और वित्तीय गड़बड़ी, कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने और विभिन्न समितियों पर अफसरों की ओर से दबाव डालने का उल्लेख है।

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