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कोविड अस्पताल टांडा: नर्सों को दिए जा रहे इस्तेमाल किए ग्लव्स
Mon, 24 May 2021 11:13 AM IST
अरविन्द ठाकुर
सचिन चौधरी, अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
सचिन चौधरी, अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 24 May 2021 11:13 AM IST
सार
कोविड अस्पताल टांडा में नर्सों को पहले से ही इस्तेमाल दस्ताने दिए जा रहे हैं। कुछ दस्तानों में तो खून के धब्बे भी साफ देखने को मिल रहे हैं। इससे पूरे नर्सिंग स्टाफ में स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष है।
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कोविड अस्पताल टांडा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोविड महामारी से डटकर मुकाबला कर मरीजों के उपचार में जुटीं नर्सों के प्रति विभागीय लापरवाही का मामला सामने आया है। कोविड अस्पताल टांडा के वायरल हुई तस्वीरों से इसका खुलासा किया है। अस्पताल में नर्सों को पहले से ही इस्तेमाल दस्ताने दिए जा रहे हैं। कई दस्तानों में मिले खून के धब्बे तो हैरानी करने वाले हैं। विभाग की इस घोर लापरवाही से कोरोना मरीजों के उपचार में जुटे नर्सिंग स्टाफ में संक्रमण फैलने का खतरा बना है।
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टांडा अस्पताल के कोविड वार्ड में ड्यूटी दे रही नर्सों के अनुसार उन्हें जो गलब्स मिल रहे हैं, वे पहले से ही इस्तेमाल हो चुके हैं। कुछ दस्तानों में तो खून के धब्बे भी साफ देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले से इस्तेमाल और खून के धब्बे लगे दस्तानों के मिलते ही इनकी फोटो व्हाट्सएप ग्रुप डाल दी गई है। इससे पूरे नर्सिंग स्टाफ में स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष है। नर्सिंग स्टाफ ड्यूटी देने से भी डरने लगा है। नर्सों का कहना है कि जान की परवाह किए बिना हम महामारी से लड़ रही हैं। बावजूद इसके, स्वास्थ्य विभाग उनके साथ खिलवाड़ कर रहा है। उन्होंने सरकार से विभागीय लापरवाही के इस मामले की जांच करने की मांग की है।
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सीएमओ कांगड़ा डॉ गुरदर्शन गुप्ता के अनुसार टांडा मेडिकल कालेज उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। उधर, कई बार संपर्क करने पर भी टांडा मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डॉ भानु अवस्थी न तो फोन और न ही मैसेज का जवाब दिया। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर अस्पतालों में दस्तानों की भारी कमी की बात जरूर स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि सप्लायर को डिमांड के हिसाब से दस्ताने देने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
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