Himachal: हिमाचल विधानसभा बजट सत्र के अंतिम दिन दो विधेयक ध्वनिमत से पारित
गुरुवार को बजट सत्र के अंतिम दिन दो विधेयकों को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। दोनों ही विधेयकों पर चर्चा भी हुई। सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक होती रही।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को बजट सत्र के अंतिम दिन दो विधेयकों को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। दोनों ही विधेयकों पर चर्चा भी हुई। सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक होती रही। प्रश्नकाल और दो ध्यानाकर्षण प्रस्तावों को लाने के बाद पहले हिमाचल प्रदेश भूगर्भ जल संशोधन विधेयक पारित किया गया। इसमें नियम तोड़कर ट्यूबवैल लगाने वालों के लिए पांच साल की कैद की सजा के प्रावधान को खत्म किया गया है। हालांकि दस लाख रुपये के जुर्माने के प्रावधान को बरकरार रखा जाएगा। इसी तरह से सदन में एक और नया विधेयक पारित किया गया। इसे हिमाचल प्रदेश सुखाश्रय विधेयक 2023 नाम दिया गया है। इसमें अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट मानते हुए कई कानूनी अधिकार दिए हैं। हिमाचल प्रदेश भूगर्भ जल संशोधन विधेयक को पारित करने का प्रस्ताव उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने रखा, जबकि हिमाचल प्रदेश सुखाश्रय विधेयक का प्रस्ताव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल ने सदन में रखा।
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वहीं, हिमाचल प्रदेश की 14वीं विधानसभा के इस पहले बजट सत्र में 16 बैठकें हुईं। सदन में चर्चा 75 घंटे तक हुई। 14 मार्च से शुरू हुए इस बजट सत्र के दौरान कुल 18 बैठकें निर्धारित की गईं, लेकिन 31 मार्च और एक अप्रैल को सदन की अनुमति से बैठकें स्थगित करने के कारण 18 में से 16 बैठकें रह गईं। सत्र के समापन पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बताया कि बजट सत्र के दौरान कुल आठ विधेयक पेश हुआ और उन्हें मंजूरी प्रदान की गई। सदन ने उपलब्ध समय का 93.75 फीसदी इस्तेमाल हुआ है। सदन में 639 तारांकित प्रश्नों और 257 अतारांकित प्रश्नों के उत्तर दिए गए। सत्र के दौरान नियम 62 के तहत पांच विषय जबकि नियम 63 के तहत एक विषय, नियम 130 के तहत सात विषय निर्धारित किए गए नियम 324 के तहत आठ विषयों के लिखित उत्तर सदस्यों को उपलब्ध कराए गए विभिन्न समितियों द्वारा 28 प्रतिवेदन प्रस्तुत किए गए।