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Himachal News: एलोपैथी और आयुष केंद्रों में मिलेंगी क्षय रोग की दवाएं, विभाग ने लिया निर्णय

Tue, 17 Oct 2023 11:21 AM IST
Krishan Singh आदित्य सोफत, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
आदित्य सोफत, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Published by: Krishan Singh Updated Tue, 17 Oct 2023 11:21 AM IST
सार

प्रदेश के एलोपैथी और आयुष स्वास्थ्य केंद्रों में अब क्षय रोग के मरीजों को उपचार और दवाएं मिलेंगी। इससे मरीजों को ग्रामीण क्षेत्रों में ही सुविधा मिलेगी। 

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Tuberculosis medicines will be available in allopathy and AYUSH centres, department took decision
क्षय रोग का टीका(सांकेतिक) - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के एलोपैथी और आयुष स्वास्थ्य केंद्रों में अब क्षय रोग के मरीजों को उपचार और दवाएं मिलेंगी। इससे मरीजों को ग्रामीण क्षेत्रों में ही सुविधा मिलेगी। इससे उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा। दवा के लिए भी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। महकमे ने गांव-गांव में डिस्पेंसरी होने पर इसको लेकर निर्णय लिया है। बलगम जांच में पॉजिटिव आने पर मरीज को वहीं दवा दे दी जाएगी। अब तक आयुष स्वास्थ्य केंद्र से स्पूटम सैंपल लिए जाते थे और जांच के लिए भेजे जाते थे।

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पॉजिटिव आने पर विभाग मरीज को उपचार और दवाओं के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और दूसरे अस्पतालों में बुलाता था। इसके साथ अब क्षय रोग के संदेह मामलों की बलगम जांच के लिए भी परेशान नहीं होना पड़ेगा। आयुष और एलोपैथी चिकित्सकों को बलगम जांच प्रक्रिया और उपचार प्रणाली के बारे में विस्तार से बता दिया है और चिकित्सकों को प्रशिक्षित कर दिया है। केंद्र सरकार ने भारत को टीबी मुक्त बनाने के लिए 2025 का लक्ष्य रखा है। वहीं प्रदेश ने 2024 का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए महकमे ने गांव स्तर तक टीमों की तैनाती की है। सभी जिलों में आयुष और एलोपैथिक चिकित्सकों को क्षय रोग के बारे में बताया दिया है ताकि मरीज का उपचार संभव हो सके।
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90 का हो चुका प्रशिक्षण
जिले में अभी तक 60 फार्मेसी ऑफिसर और 30 आयुष अधिकारियों को टीबी का प्रशिक्षण दे दिया है। सभी के सहयोग से बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। अब इन चिकित्सकों ने ग्रामीण स्तर पर सेवाएं देनी शुरू कर दी हैं। मरीजों का उपचार आसानी से घरद्वार पर ही संभव हो रहा है। इसके अलावा जिले के पांच स्वास्थ्य खंड में सभी चिकित्सकों के माध्यम से भी उपचार किया जा रहा है।

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क्षय रोग मुक्त हिमाचल के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। क्षय रोगियों का घरद्वार पर सुविधा दी जा रही है। अब एलोपैथी और आयुष स्वास्थ्य केंद्रों में भी मरीजों का उपचार और दवा संभव है। चिकित्सकों को प्रशिक्षित कर दिया गया है।-डॉ. एके सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी (स्वास्थ्य)।

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