{"_id":"5f72d0198ebc3e9b833775a0","slug":"traffic-jam-at-kandaghat-on-kalka-shimla-highway","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल: कालका-शिमला नेशनल हाईवे बहाल, लोगों ने ली राहत की सांस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल: कालका-शिमला नेशनल हाईवे बहाल, लोगों ने ली राहत की सांस
Tue, 29 Sep 2020 05:48 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/ सोलन
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/ सोलन
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 29 Sep 2020 05:48 PM IST
विज्ञापन
कालका-शिमला एनएच पर जाम
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारी भूस्खलन से सोमवार देर शाम आठ बजे से बंद शिमला-कालका राष्ट्रीय राजमार्ग 18 घंटे बाद मंगलवार दोपहर दो बजे वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया गया है। कंडाघाट से शिमला की तरफ पांच किलोमीटर दूर टिक्करी मोड़ पर एनएच पर मोटी दरारें आ गई थीं, जिसकी वजह से इस हाईवे को बंद कर दिया गया था। टिक्करी मोड़ पर राष्ट्रीय राजमार्ग पर फोरलेन के लिए कटिंग की गई है। सोमवार शाम के समय क्यारी मोड़ पर पथरीली पहाड़ी से भूस्खलन हो गया, जिससे एनएच की पक्की सड़क पर गहरा गड्ढा बन गया।
विज्ञापन
हाईवे पर दस मीटर दरार भी आ गई थी। मार्ग बंद होते ही राजमार्ग अथॉरिटी, फोरलेन काम में लगी एरिफ कंपनी, जिला प्रशासन सड़क बहाली के काम और इसकी देखरेख में लग गए। करीब 18 घंटे काम के बाद मंगलवार दोपहर बाद करीब दो बजे इस मार्ग को बहाल किया जा सका। वहीं, जिला सोलन व शिमला प्रशासन ने देर रात ही ट्रैफिक डायवर्ट तो कर दिया, लेकिन पहले ही हाईवे पर फंसे भारी वाहनों के चलते कई किलोमीटर तक जाम लग गया।
विज्ञापन
सड़क बहाली में लगाई आधुनिक मशीनरी
राजमार्ग अथॉरिटी व एरिफ कंपनी ने सड़क बहाली के लिए बंद सड़क के दोनों तरफ भारी क्षमता की दो चेन वाली जेसीबी, मिट्टी ढोने के लिए आठ बड़े टिपर, सफाई मशीन, रोलर व अन्य मशीनरी के साथ लेबर का प्रयोग किया।
विज्ञापन
क्या कहते हैं इंजीनियर
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के तकनीकी महाप्रबंधक सुरेश कुमार शर्मा ने बताया कि कटिंग के कारण पहाड़ी से भारी भूस्खलन हुआ जिससे प्राकृतिक तरीके से सड़क पर दरारें पड़ी हैं। उन्होंने बताया कि यह भूस्खलन वाला क्षेत्र है। कटिंग पूरी होते ही ऊपर की तरफ डंगे लगाने का काम किया जाएगा।