फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Tourism: Gujarat's travel agents boycott Shimla

पर्यटन: गुजरात के ट्रेवल एजेंटों ने किया शिमला का बायकॉट, जानें वजह

Sun, 10 Apr 2022 10:41 AM IST
Krishan Singh विश्वास भारद्वाज,शिमला
विश्वास भारद्वाज,शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sun, 10 Apr 2022 10:41 AM IST
सार

गुजरात के ट्रेवल एजेंटों ने शिमला का बायकॉट करने का एलान कर दिया है। शिमला में टूरिस्ट बसों को एंट्री न मिलने और ट्रैफिक जाम से होने वाली परेशानी के कारण ट्रेवल एजेंट्स शिमला के स्थान पर टूरिस्ट ग्रुपों को मनाली या कश्मीर भेज रहे हैं।

विज्ञापन
Tourism: Gujarat's travel agents boycott Shimla
शिमला शहर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

समर टूरिस्ट सीजन की शुरुआत में ही हिल्सक्वीन शिमला के पर्यटन कारोबारियों को बड़ा झटका लगा है। गुजरात के ट्रेवल एजेंटों ने शिमला का बायकॉट करने का एलान कर दिया है। शिमला में टूरिस्ट बसों को एंट्री न मिलने और ट्रैफिक जाम से होने वाली परेशानी के कारण ट्रेवल एजेंट्स शिमला के स्थान पर टूरिस्ट ग्रुपों को मनाली या कश्मीर भेज रहे हैं।हर साल समर टूरिस्ट सीजन के दौरान अप्रैल में शिमला के होटलों में 60 से 70 फीसदी ऑक्यूपेंसी गुजरात के पर्यटकों की रहती है। गुजराती पर्यटक लग्जरी बसों से शिमला पहुंचते हैं। शहर में इन बसों को रात नौ बजे से पहले प्रवेश नहीं मिलता। ट्रेवल एजेंट्स टैक्सियां बुक कर पर्यटकों को होटलों तक भेजते हैं।

विज्ञापन


शिमला में लगने वाले जाम में घंटों सैलानी फंसते हैं। इसके लिए ट्रेवल एजेंट्स को कोसते हैं। परेशानी के कारण कई पर्यटक तो पूरी पेमेंट भी नहीं करते। इस वजह से ट्रेवल एजेंट्स को नुकसान उठाना पड़ रहा है। टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहिंद्र सेठ और शिमला ट्रेवल एजेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन पॉल का कहना है कि शिमला में टूरिस्ट बसों को एंट्री न मिलने और ट्रैफिक जाम की समस्या के चलते गुजरात और केरल के ट्रेवल एजेंट्स ने शिमला का बॉयकाट कर दिया है, जिससे शिमला के पर्यटन कारोबार को भारी नुकसान हो रहा है। नाका सिस्टम और ट्रैफिक डायवर्जन बंद होना चाहिए।
विज्ञापन


ट्रैफिक जाम और नो एंट्री से परेशान हो रहे टूरिस्ट : पटेल
टूरिस्ट लग्जरी बसों को शिमला में रात 9 बजे से पहले एंट्री नहीं मिलती, घंटों टूरिस्ट जाम में फंसे रहते हैं। होटलों के बाहर बसों से पर्यटकों को उतारते हुए पुलिस चालान कर देती है। पिछले साल दिवाली के बाद न्यू ईयर तक तो टेंपो ट्रैवलर की भी शिमला में एंट्री रोक दी गई। पर्यटकों को पेश आने वाली परेशानी से ट्रेवल एजेंट्स का नाम खराब हो रहा है। जब तक व्यवस्था नहीं सुधरती तब तक शिमला को बायकाट जारी रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

- मयंक एम पटेल, सह सचिव, गुजरात रेलवे टूअर ऑर्गेनाइजर एसोसिएशन

केरल के ग्रुप ने भी कैंसल की बुकिंग
केरल के 4 टूरिस्ट ग्रुप ने शिमला के होटल लार्ड रीजेंसी में बुकिंग करवाई थी, लेकिन तीन बुकिंग कैंसल हो गईं। होटल संचालक विकास ने बताया कि ट्रेवल एजेंट शिमला के स्थान पर अब पर्यटकों को अमृतसर से सीधे मनाली ले जा रहे हैं। विवेकानंद ट्रैवल्स, कालीकट, केरल की संचालक गायत्री नरेंद्रन ने बताया कि शिमला में टूरिस्ट बसें शहर से बाहर खड़ी रखी जाती हैं। पर्यटकों को होटलों तक पहुंचाने के लिए टैक्सी बुक करनी पड़ती है, जिससे खर्चा बढ़ जाता है और टूरिस्ट परेशान होता है। शिमला के स्थान पर टूरिस्ट मनाली या कश्मीर जाना पसंद कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed