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Himachal: एफडीआर तकनीक से बनने वाली सड़कों के होंगे ग्लोबल टेंडर, 50-50 करोड़ की निविदाएं होंगी आमंत्रित
Tue, 17 Oct 2023 11:21 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 17 Oct 2023 11:21 AM IST
सार
पहले चरण में सरकार 666 सड़कों के टेंडर करेगी। काम में गुणवत्ता बनी रहे, इसके चलते इसमें विदेशी कंपनियां भी भाग लेंगी।
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एफडीआर तकनीक से बनेगी सड़कें
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (एफडीआर) तकनीक से सड़कों के निर्माण किया जाएगा। इसके लिए सरकार 50-50 करोड़ रुपये के ग्लोबल टेंडर आमंत्रित करेगी। सरकार छोटे-छोटे टेंडर इसलिए लगाने जा रही है ताकि इसे निर्धारित समय में काम पूरा किया जा सके। पहले चरण में सरकार 666 सड़कों के टेंडर करेगी। काम में गुणवत्ता बनी रहे, इसके चलते इसमें विदेशी कंपनियां भी भाग लेंगी। इस तकनीक से करीब 25 से 30 साल तक सड़कें खराब नहीं होंगी। बारिश के पानी से सड़कें खराब होती हैं। अभी इस तकनीक से उत्तर प्रदेश, बिहार और असम में सड़कें बनाई जा रही हैं। अब हिमाचल में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।
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इस तकनीक से सड़कें ज्यादा टिकाऊ बनती हैं और वाहनों के लिए भी यह सड़कें बेहतर हैं। साथ ही इसकी लागत भी कम है। इस तकनीक में सड़क की सतह से सामग्री का उपयोग कर इसमें सीमेंट और एडिटिव को मिलाकर एक मिश्रण तैयार किया जाता है। इससे सड़कों का निर्माण किया जाता है। हिमाचल में इस तकनीक से 2,682 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई जाएंगी। पहले चरण में 666 किमी सड़कें एफडीआर तकनीक से की जाएगी। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ अजय गुप्ता ने बताया कि दूसरे राज्यों में एफडीआर से तैयार की जा रही सड़कों को देखने के लिए लोक निर्माण के इंजीनियरों को भेजा था। इन इंजीनियरों ने तकनीक को समझा है। मुख्यमंत्री को इस तकनीक की जानकारी दी गई है। उन्होंने योजना को सिरे चढ़ाने को कहा है। इस तकनीक से हिमाचल में कई सालों तक सड़कें खराब नहीं होंगी।
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