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Shimla News: कंपनी का दोहरा कानून, एक जगह महंगा पानी, दूसरी जगह दे रहे मुफ्त
Wed, 01 Feb 2023 12:53 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 01 Feb 2023 12:53 PM IST
सार
नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर शैलेंद्र चौहान ने कहा कि पिछली सरकार ने पंचायतों में पीने का पानी मुफ्त कर दिया था लेकिन शहर से सटी पंचायतों में महंगा पानी दिया जा रहा है।
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नल
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
राजधानी के बाद अब शहर से सटी पंचायतों में भी पीने का पानी महंगा करने के फैसले पर घमासान मच गया है। लोगों ने कंपनी को निशाने पर लेते हुए इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। पेयजल कंपनी शिमला शहर के अलावा साथ लगते पंचायती क्षेत्र के सैकड़ों उपभोक्ताओं को भी पीने का पानी उपलब्ध करवा रही है। लेकिन एक जगह यह पानी महंगा कर दिया है तो दूसरी ओर यही पानी मुफ्त दिया जा रहा है।
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शहर के ढली, मल्याणा, मशोबरा, कुफरी, लंबीधार समेत साथ लगती पंचायतों में एक हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने कंपनी से पानी के कनेक्शन ले रखे हैं। इन्हें शहर की तुलना में दोगुना दरों पर पानी का बिल चुकाना पड़ता है। कंपनी ने 24 जनवरी को फिर से पेयजल दरों में दस फीसदी बढ़ोतरी की है। पंचायतों में भी यह बढ़ोतरी लागू की जा रही है। उधर कसुम्पटी, मैहली, पंथाघाटी, सरघीण, ब्योलिया आदि पंचायती इलाकों में भी कंपनी जलशक्ति विभाग के जरिये सैकड़ों उपभोक्ताओं को पानी की आपूर्ति दे रही है।
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लेकिन यहां कोई बिल नहीं लिया जाता। लोगों ने सवाल उठाए हैं कि जब कंपनी एक क्षेत्र में मुफ्त पानी दे सकती है तो दूसरी जगह पानी महंगा क्यों किया जा रहा है। गौरतलब है कि शिमला शहर में गर्मियों के मौसम में पानी की किल्लत से लोगों को काफी परेशान होना पड़ता है। पेयजल कंपनी शहर में पानी की सप्लाई देती है लेकिन कुछ पंचायतों में जलशक्ति विभाग कंपनी से पानी लेकर अपने उपभोक्ताओं को आपूर्ति करता है।
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शहर से सटी पंचायतों में भेदभाव : शैलेंद्र
नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर शैलेंद्र चौहान ने कहा कि पिछली सरकार ने पंचायतों में पीने का पानी मुफ्त कर दिया था लेकिन शहर से सटी पंचायतों में महंगा पानी दिया जा रहा है। कहा कि जब कंपनी जलशक्ति विभाग के जरिये उपभोक्ताओं को मुफ्त पानी दे सकती है तो जो लोग सीधे कंपनी से पानी ले रहे हैं, उन्हें महंगा पानी क्यों दिया जा रहा है। इस बारे में जल्द ही जलशक्ति विभाग के मंत्री से भी मिलेंगे।
यह है कंपनी का तर्क
पेयजल कंपनी का तर्क है कि जलशक्ति विभाग को ही मुफ्त पानी दिया जा रहा है। विभाग इसे कैसे और कितने उपभोक्ताओं में वितरित कर रहा है, उससे कंपनी का कोई संबंध नहीं है। जहां भी कंपनी के अपने उपभोक्ता हैं, उन्हें बिल देना होगा। पंचायतों में पानी इसलिए महंगा है क्योंकि वहां के लोग नगर निगम को कोई टैक्स नहीं देते हैं। निगम उन्हें बिना किसी टैक्स के भी पानी की सुविधा दे रहा है। कंपनी के प्रबंध निदेशक डॉ. पंकज ललित ने कहा कि यह व्यवस्था पहले से है। कंपनी से जो भी कनेक्शन पंचायती क्षेत्र में लिए हैं, उनसे बिल लिया जाएगा।
यह हैं पंचायती क्षेत्र में पीने के पानी के नए रेट
पेयजल स्लैब पुरानी दरें नई दरें
0 से 20 किलोलीटर 36.30 रुपये 39.93 रुपये प्रति किलोलीटर
21 से 30 किलोलीटर 55 रुपये 60.50 रुपये प्रति किलोलीटर
30 किलोलीटर से ज्यादा 77 रुपये 84.70 रुपये प्रति किलोलीटर