Shimla News: शिमला शहरवासियों को शनिवार से दो दिन छोड़कर मिलेगा पानी, पटरी पर लौटने लगी पेयजल व्यवस्था
गुम्मा, गिरि समेत अन्य परियोजनाओं से पानी की आपूर्ति बढ़ने के बाद शहर की पेयजल व्यवस्था पटरी पर लौटने लगी है। शहर के सभी वार्डों में शनिवार से दो दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति दी जाएगी।
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अभी शहर में आठ से नौ दिन बाद लोगों को पानी मिल रहा है। कंपनी का दावा है कि यदि गिरि में दोबारा गाद नहीं आती है तो शहर में आपूर्ति का समय भी बढ़ाया जाएगी ताकि लोगों को ज्यादा पानी मिल सके। हालांकि, अगले कुछ दिन भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए कंपनी परेशान भी है। यदि भारी बारिश से फिर परियोजनाओं में गाद आती है तो यह शेड्यूल लागू करना मुश्किल हो जाएगा। सभी पेयजल परियोजनाओं से शुक्रवार को शिमला शहर को 32 एमएलडी पानी मिला है। पिछले एक हफ्ते में यह सबसे ज्यादा है।
आठवें और नौंवे दिन मिला लोगों को पानी
शहर में शुक्रवार को चौड़ा मैदान जोन के नाभा, फागली, रामनगर, समरहिल, चक्कर, सेंट्रल जोन के यूएस क्लब, फिंगास्क इस्टेट, संजौली जोन के मशोबरा जबकि न्यू शिमला जोन के शकराला और सरघीण में पानी की आपूर्ति दी गई। कई इलाकों में आठवें तो कई जगह नौवें दिन पानी आने से लोगों को राहत मिली है।
टुटू और घोड़ाचौकी में नौ दिन बाद भी नहीं मिली सप्लाई, सेना ने भेजे टैंकर
शहर के टुटू और घोड़ाचौकी इलाके में नौ दिन बाद भी शुक्रवार सुबह पानी नहीं मिला। परेशान लोगों ने नगर निगम और पेयजल कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। टुटू पार्षद मोनिका भारद्वाज ने कंपनी से टैंकरों की मांग की। सेना ने भी अपने टैंकर पानी लेकर टुटू भेजे। शाम 4:00 बजे तक पार्षद ने विजयनगर, टुटू चौक, बाजार, लोअर टुटू में पांच टैंकर पानी के लोगों को उपलब्ध करवाए। हालांकि, कंपनी का दावा है कि टुटू और घोड़ाचौकी में शुक्रवार रात या शनिवार तड़के सुबह से पानी की आपूर्ति दी जाएगी।
बना रहे हैं नया शेड्यूल
शहर में अब दो दिन छोड़कर पीने के पानी की आपूर्ति की जाएगी। परियोजनाओं से लगातार आपूर्ति बढ़ाई जा रही है। यदि गाद नहीं आती है तो एक हफ्ते में ही लोगों को नियमित पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
-पंकज ललित, प्रबंध निदेशक पेयजल कंपनी
खाली बर्तन लेकर लोगों ने मेयर कार्यालय के बाहर दिया धरना
पेयजल संकट से जूझ रहे लोगों का सब्र आखिरकार शुक्रवार को टूट गया। आक्रोशित लोगों ने दोपहर बाद महापौर कार्यालय के बाहर खाली बाल्टियां लेकर धरना दिया। शहर के टुटू क्षेत्र के लोगों ने आरोप लगाए कि नगर निगम दस दिन से उन्हें पानी की सप्लाई नहीं दे पाया है। इस वजह से उनके पास पीने तक का पानी नहीं बचा है। शिमला नागरिक सभा टुटू इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने सैकड़ों लोगों के साथ खाली बर्तन लेकर दोपहर साढ़े तीन बजे महापौर कार्यालय में दस्तक दी और धरना शुरू किया।
धरने में संजौली, मैहली और कैथू के लोग भी शामिल हुए। शिमला नागरिक सभा के संयोजक विजेंद्र मेहरा और टुटू इकाई के सचिव हेमराज चौधरी ने बताया कि टुटू में नगर निगम एक सप्ताह और आईपीएच दस दिन बाद भी पानी नहीं दे पाया है। शहर में 16 से 17 एमएलडी पानी हर रोज आ रहा है। इससे शहर के लोगों को हर तीसरे दिन पानी की सप्लाई दी जा सकती है। नगर निगम शहर के चुनिंदा वीआईपी इलाकों और कालोनी में पानी की बंदरबांट कर रहा है।
उन्होंने नगर निगम से मांग की है कि पानी के इस भयंकर संकट में वह शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड से बेहतर तालमेल बैठाए और नियमित पानी उपलब्ध करवाया जाए। कहा कि अगर पानी की आपूर्ति नहीं हुई तो नागरिक सभा उग्र आंदोलन करेगी। इस अवसर पर कुंदन शर्मा, बाबू राम, बालक राम, कमल शर्मा, अंकुश, अमन, टेकचंद, संदीप दिशु, पवन और राम प्रकाश मौजूद रहे।
मैहली में 15 दिन से पानी नहीं सीएम के दरबार पहुंचे लोग
शहर से सटी मैहली पंचायत में 15 दिन से पीने के पानी की आपूर्ति नहीं हुई है। पंचायत के मैहली, चैली समेत साथ लगते इलाकों के हजारों लोग पानी खरीदने को मजबूर हैं। पेयजल आपूर्ति सुचारू न होने पर शुक्रवार को पंचायत प्रधान सुरेंद्र गर्ग की अध्यक्षता में लोग मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिले। प्रधान सुरेंद्र गर्ग, स्थानीय निवासी विनोद वर्मा, रजनीश वर्मा ने कहा कि कंपनी इस क्षेत्र में जलशक्ति विभाग के टैंक में पानी देती है।
इसके बाद विभाग इसे आगे बांटता है। लेकिन 15 दिन से कंपनी ने विभाग को कोई पानी नहीं दिया है। पंचायत के लोगों ने मैहली जुन्गा साधुपुल से कंडाघाट तक की सड़क चौड़ी करने, मैहली स्कूल को उत्कृष्ट स्कूल बनाने की भी मांग रखी। मुख्यमंत्री ने इनकी मांगें सुनीं और बाद में अधिकारियों के साथ हुई बैठक में पेयजल पर रिपोर्ट ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मैहली के लोगों को पीने का पानी तुरंत मुहैया करवाया जाए।