डीसी पर केस और तबादले पर अड़ गए मेयर और पार्षद
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मेयर के पुराने दफ्तर का ताला तोड़कर सामान बाहर करने के मामले पर राजनीति तेज हो गई है। मामला सीएम तक पहुंचाया जाएगा। आज मेयर पार्षदों के साथ मुख्यमंत्री से मिलेंगी। इस मामले में मुकदमा दर्ज करने और डीसी के तबादले पर पार्षद अड़ गए हैं। जिला प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ महापौर कुसुम सदरेट ने रविवार को पार्षदों की आपात बैठक बुलाई।
पच्छाद से लौटते ही महापौर टाउनहाल पहुंचीं और नगर निगम आयुक्त पंकज राय से इस मामले पर रिपोर्ट ली। पूछा कि आखिर प्रशासन ने ताला कैसे तोड़ दिया। क्या ताला खोलने के लिए चाबियां नहीं मांगी गई। आयुक्त ने बताया कि उनके सामने यह कार्रवाई नहीं हुई। महापौर ने पूछा कि आखिर पुराने दफ्तर का सामान कहां है। आयुक्त ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है कि जिला प्रशासन ने यह सामान कहां रखा है।
बैठक में मौजूद भाजपा पार्षदों ने इस पूरे मामले के लिए उपायुक्त को जिम्मेदार ठहराया। पार्षद इस मामले में मुकदमा दर्ज करवाने औश्र उपायुक्त के तबादले पर अड़ गए। इसके बाद महापौर की अगुवाई में सभी पार्षद भाजपा कार्यालय रवाना हो गए। यहां संगठन नेताओं से भी इस मामले पर बात की गई। सोमवार को मेयर की अगुवाई में सुबह पार्षद सीएम से भी मिलने जा रहे हैं।
नहीं बुलाए कांग्रेस पार्षद, भाजपा पार्षद भी गायब
महापौर ने पार्षदों की बैठक बुलाई थी कि इस मामले पर आगे क्या कार्रवाई कर सकते हैं। सभी पार्षद इस मामले में मेयर के साथ हैं लेकिन मेयर के करीबी पार्षदों ने इस बैठक में कांग्रेस पार्षदों को न बुलाने की बात कही।
इसके बाद सिर्फ भाजपा पार्षदों को ही बैठक में बुलाया गया। जब भाजपा पार्षदों को पता चला कि विपक्षी पार्षद इसमें शामिल नहीं होंगे तो इन्होंने भी बैठक से किनारा कर लिया। आखिर में मेयर-डिप्टी मेयर समेत करीब आधा दर्जन पार्षद ही बैठक में पहुंचे।