मंडी जहरीली शराब मामला: जिस जहरीली शराब के पीने से हुईं सात मौतें, उसे अभी भी गटक रहे लोग
सुंदरनगर शहर में ही लोनिवि की वर्षाशालिका में शुक्रवार को फिर कुछ लोगों ने पुलिस की नाक के नीचे शराब की महफिल सजा दी। इसके बाद वे मौके से फरार हो गए। लोगों से मिली सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो संतरा ब्रांड शराब की बोतलें वर्षाशालिका से मिलीं। इनमें तीन बोतलें तो खाली थीं, जबकि एक बोतल में करीब दो पेग शराब बची थी।
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हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के सुंदरनगर उपमंडल में जहरीली व मिलावटी शराब पीने से सात लोगों की मौत के बाद भी लोग उसी को गटक रहे हैं। सुंदरनगर शहर में ही लोनिवि की वर्षाशालिका में शुक्रवार को फिर कुछ लोगों ने पुलिस की नाक के नीचे शराब की महफिल सजा दी। इसके बाद वे मौके से फरार हो गए। लोगों से मिली सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो संतरा ब्रांड शराब की बोतलें वर्षाशालिका से मिलीं। इनमें तीन बोतलें तो खाली थीं, जबकि एक बोतल में करीब दो पेग शराब बची थी। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और 4 बोतल नकली संतरा ब्रांड (बीआरवी फूलस) की बरामद की हैं। बता दें कि मौतों के बाद पुलिस ने संतरा ब्रांड की शराब ठेकों में बेचने और पीने तक पर रोक लगा दी है।
कांगड़ा में बनने वाली शराब बीआरवी फूड्स नाम से है, जबकि मिलावट कर इसे बीआरवी फूलस नाम से बेचा गया। अब सवाल उठ रहा है कि सख्ती का दावा करने वाली पुलिस के नाक तले नकली संतरा शराब कहां से आई। उधर, मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी ने बताया कि बोतलों में जो थोड़ी बहुत शराब पाई गई, उसे जांच के लिए भेजा जाएगा। एसडीएम धर्मेश रमोत्रा ने बताया नरेश चौक के निकट नकली संतरा ब्रांड शराब की बोतलें मिलने की जानकारी आने पर पुलिस को भेजा गया है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे माफिया को पकड़ने में प्रशासन और पुलिस का सहयोग करें।
मंडी में डटे हैं डीजीपी समेत पुलिस के आला अधिकारी
डीजीपी समेत प्रदेश पुलिस के बड़े अधिकारी जहरीली शराब की तस्करी के मामले की तह तक जाने के लिए एसआईटी का गठन कर मंडी में डटे हैं। नकली शराब की सप्लाई का खेल इनकी नाक तले बदस्तूर जारी है।
अंधेरे में तीर मार रही पुलिस, मुख्य सरगना गिरफ्त से बाहर
प्रशासन की ओर से बार-बार लोगों को नकली शराब और इससे जुड़े माफिया की जानकारी देने के लिए जागरूक करने के आह्वान के बाद भी लोग नकली शराब का सेवन करने से बाज नहीं आ रहे हैं। पुलिस और आबकारी विभाग भले ही माफिया की धरपकड़ को छापामारी का दावा कर रहा है, लेकिन अभी भी उनके हाथ प्रमुख सरगना हाथ नहीं आया है।