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हिमाचल में ढाई हजार एसएमसी शिक्षकों के सेवा विस्तार में फंसा पेच
Sat, 08 Feb 2020 10:33 AM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 08 Feb 2020 10:33 AM IST
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फाइल फोटो
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हिमाचल के सरकारी स्कूलों में नियुक्त ढाई हजार से अधिक एसएमसी शिक्षकों के सेवा विस्तार में पेच फंस गया है। सरकार ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को कड़ी फटकार के साथ शिक्षकों को शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए सेवा विस्तार देने का प्रस्ताव लौटा दिया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को पूछा है कि सरकार को भेजे प्रस्ताव में इस मामले को लेकर हाईकोर्ट के आदेशों का जिक्र क्यों नहीं किया।
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प्रस्ताव सही तरीके से तैयार न करने पर प्रारंभिक शिक्षा निदेशक से प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उप सचिव वेदभूषण सुज्ञान ने जवाब तलब भी किया है।22 जनवरी को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सरकार को प्रस्ताव भेज कर एसएमसी शिक्षकों को एक साल का सेवा विस्तार देने की मांग की थी। रूसा के गलत सब्जेक्ट कांबिनेशन के चलते टीजीटी और जेबीटी के लिए बीएड को भी पात्र बनाने के चलते फंस गई नई भर्तियों में हो रही देरी का हवाला देते हुए निदेशालय ने सेवा विस्तार मांगा है।
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उधर, सरकार ने प्रस्ताव पर विधि विशेषज्ञों से चर्चा करने के बाद शुक्रवार को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रस्ताव बनाने में पूरी पारदर्शिता नहीं बरतने का आरोप लगाया है। बता दें कि बीते साल दिसंबर में हुई कैबिनेट बैठक में 1541 एसएमसी शिक्षकों के पदों को पहली बार रिक्त मानते हुए इनकी जगह नई भर्ती आरएंडपी नियमों के तहत करने का फैसला लिया गया है। प्रधान सचिव शिक्षा ने इस बाबत अधिसूचना भी जारी कर दी है, लेकिन यह भर्ती प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हो सकी है।
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हाईकोर्ट ने ये टिप्पणी की थी...
एसएमसी शिक्षकों की नियुक्तियों को चुनौती देने वाले एक मामले में बीते साल हाईकोर्ट ने कहा था कि स्टॉप गैप अरेंजमेंट के नाम पर की जा रही एसएमसी भर्तियां प्रशंसनीय कदम नहीं है। यह भर्तियां न केवल सरकार के अपने निर्णयों के विरुद्ध हैं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ भी हैं। सुनवाई के दौरान सरकार ने एसएमसी से शिक्षक भर्ती बंद करने का शपथपत्र दिया था।