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Himachal: शीर्ष अदालत ने रद्द किए संजय कुंडू को डीजीपी पद से ट्रांसफर करने के आदेश

Fri, 12 Jan 2024 07:45 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Krishan Singh Updated Fri, 12 Jan 2024 07:45 PM IST
सार

मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने नाराजगी जताई कि हाईकोर्ट ने प्रारंभिक आदेश को एकपक्षीय रूप से पारित किया और जब याचिकाकर्ता ने संपर्क किया तो हाईकोर्ट ने पहले आदेश को वापस लेने से इन्कार कर दिया। 

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SC sets aside HC order for removal of IPS officer Sanjay Kundu as Himachal DGP
सुप्रीम कोर्ट। - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आईपीएस अधिकारी संजय कुंडू को हिमाचल प्रदेश पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पद से ट्रांसफर करने के हिमाचल हाईकोर्ट के आदेश को दरकिनार कर दिया। एक मामले की निष्पक्ष जांच में हस्तक्षेप करने के आरोप पर हाईकोर्ट ने कुंडू को डीजीपी पद से स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने नाराजगी जताई कि हाईकोर्ट ने प्रारंभिक आदेश को एकपक्षीय रूप से पारित किया और जब याचिकाकर्ता ने संपर्क किया तो हाईकोर्ट ने पहले आदेश को वापस लेने से इन्कार कर दिया। हाईकोर्ट के दोनों ही आदेशों को रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कार्रवाई का उचित तरीका यह था कि प्रारंभिक आदेश को वापस ले लिया जाता और मामले को नए सिरे से सुनना था। शीर्ष अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश अधिकार क्षेत्र की त्रुटि से ग्रसित था क्योंकि गंभीर परिणामों वाला आदेश पारित किया गया था, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं था। निर्णय के बाद की सुनवाई से बेचैनी पैदा हो सकती है। पीठ ने अपने आदेश में कहा, एक आईपीएस अधिकारी को डीजीपी के पद से हटाने के परिणाम गंभीर हैं। स्थानांतरण का आदेश याचिकाकर्ता को अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बिना पारित नहीं किया जा सकता था।’

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यह है मामला
26 दिसंबर को हाईकोर्ट ने एक व्यवसायी की ओर से आईपीएस अधिकारी और एक वकील से जान को खतरे की आशंका जताते हुए भेजी पत्र याचिका पर शुरू की गई स्वत: संज्ञान कार्यवाही में यह आदेश पारित किया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि याचिकाकर्ता कुंडू जांच में हस्तक्षेप कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने को जरूरी मानते हुए डीजीपी और कांगड़ा के एसपी के तबादले का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने तीन जनवरी को हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी और कुंडू को पहले के आदेश को वापस लेने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की स्वतंत्रता दी थी। 9 जनवरी को हाईकोर्ट ने आदेश को वापस लेने की मांग वाली कुंडू की अर्जी खारिज कर दी और कारोबारी की शिकायत की जांच के लिए एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया।
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जांच एसआईटी को स्थानांतरित करने के निर्देश में हस्तक्षेप नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने डीजीपी के तबादले के हाईकोर्ट के निर्देश को खारिज कर दिया लेकिन एसआईटी को जांच स्थानांतरित करने के निर्देश में हस्तक्षेप नहीं किया। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता एसआईटी के कामकाज को प्रभावित नहीं करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया, याचिकाकर्ता हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में गठित एसआईटी पर कोई नियंत्रण नहीं रखेंगे। कोर्ट ने कहा कि राज्य को आईजी स्तर के अधिकारियों के साथ एक एसआईटी बनानी चाहिए जो याचिकाकर्ता से संपर्क न करें और शिकायतकर्ता, उसके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
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