Himachal News: धर्मशाला में 30 करोड़ ने रोका 510 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट, जानें पूरा मामला
करीब 14 वर्षों से भूमि न मिलने के कारण धर्मशाला में सीयू भवन का निर्माण लटका है। हालांकि अब सीयू के देहरा में बनने वाले कैंपस का निर्माण कार्य जोरोशोरों से चला हुआ है।
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केंद्रीय विश्वविद्यालय के करीब 510 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को 30 करोड़ रुपये की दरकार है। इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश सरकार की ओर से 30 करोड़ रुपये जमा न करवाए जाने से धर्मशाला के जदरांगल में 30 प्रतिशत बनने वाला सीयू का नार्थ जोन कैंपस लटक गया है। जदरांगल में सीयू के निर्माण को लेकर 57.10 हेक्टेयर भूमि पर निर्माण को मंजूरी मिली चुकी है। इसके बावजूद फीस जमा न होने के कारण इसका निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। दूसरी ओर देहरा में बनने वाले सीयू के 70 फीसदी कैंपस का निर्माण कार्य जोरों-शोरों से चला है।
वर्ष 2009 में स्वीकृत हुए प्रोजेक्ट को 510 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। दोनों कैंपसों के निर्माण को 476 करोड़ रुपये के टेंडर तक बुलाए हैं। इसके चलते देहरा में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, लेकिन धर्मशाला के जदरांगल के लिए 30 करोड़ रुपये की दरकार है। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के धर्मशाला के जदरांगल में बनने वाले 30 प्रतिशत निर्माण का कार्य मात्र इस कारण रुका हुआ है कि प्रदेश सरकार को केंद्रीय वन मंत्रालय सहित कुछ अन्य विभागों के पास करीब 30 करोड़ रुपये जमा नहीं करवा रही है। इसके चलते जदरांगल में बनने वाले सीयू के कैंपस का निर्माण कार्य लटका हुआ है।
गौरतलब है कि करीब 14 वर्षों से भूमि न मिलने के कारण धर्मशाला में सीयू भवन का निर्माण लटका है। हालांकि अब सीयू के देहरा में बनने वाले कैंपस का निर्माण कार्य जोरोशोरों से चला हुआ है लेकिन धर्मशाला में बनने वाले कैंपस के लिए जमीन संबंधी औपचारिकताएं ही अभी तक पूरी नहीं हो पाई हैं। इन्हें पूरा करने में लिए जिला प्रशासन ने तो अपनी ओर से तैयारी कर फाइल प्रदेश सरकार को भेज दी है, लेकिन प्रदेश सरकार इस प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए अभी तक कोई रुचि ही नहीं दिखा रही है।
जदरांगल में वन विभाग की करीब 57.10 हेक्टेयर जमीन पर पेड़ों को काटने के लिए बनी करीब 30 करोड़ रुपये मुआवजा राशि हिमाचल सरकार वन विभाग और केंद्र सरकार के कुछ विभागों के बैंक खातों में जमा नहीं करवा रही है। जब तक हिमाचल सरकार 30 करोड़ रुपये मुआवजा राशि वन विभाग और केंद्र सरकार के कुछ विभागों के पास जमा नहीं करेगी तब तक वन विभाग की जमीन कांगड़ा जिला प्रशासन केंद्रीय विश्वविद्यालय के नाम नहीं कर सकता है।
जिला प्रशासन की ओर से जदरांगल में बनने वाले सीयू के कैंपस निर्माण को लेकर औपचारिकताएं पूरी कर फाइल प्रदेश सरकार को भेजी है। सरकार से स्वीकृति मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।- धर्मेश रामोत्रा, एसडीएम, धर्मशाला।
कांगड़ा के लोग इतने भी कमजोर नहीं कि 30 करोड़ जमा न करवा पाएं : सुभाष
जिला कांगड़ा के लोग इतने भी कमजोर नहीं हैं कि 30 करोड़ जमा न करवा पाएं। इसलिए प्रदेश सरकार को हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के जदरांगल में बनने वाले कैंपस के लिए पैसे जमा करवाने का कुछ वक्त देना चाहिए। यह बात हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय संदर्भ हैश टैग 30 करोड़ के विचार मंथन के दौरान वक्ता सुभाष शर्मा ने कही। इस दौरान मौजूद अन्य वक्ताओं ने यहां तक कह दिया कि धर्मशाला से बने किसी भी मंत्री और विधायक ने हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के धर्मशाला में निर्माण के लिए रुचि नहीं दिखाई है। इससे पहले कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षाविद डाॅ. विजय शर्मा ने की। कार्यक्रम का मंच संचालन ऋषि राम भाटिया और धन्यवाद सेवानिवृत्त प्रिंसिपल संसार मित्र ने किया।
जनता के आह्वान पर पूर्व विधायक विशाल नैहरिया और भाजपा संगठन के प्रवक्ता संजय शर्मा भी इस दौरान मौजूद रहे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर मंथन किया कि यदि 30 करोड़ रुपये प्रदेश सरकार जमा नहीं करवाती है, तो विकल्प क्या है। साथ ही प्रदेश की राजनीतिक पार्टी हिमाचल जनक्रांति के अध्यक्ष सुभाष शर्मा ने सरकार से एक प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से मिलकर वर्तमान परिदृश्य को स्पष्ट करने की बात की। सभी ने फैसला लिया कि अब इस लड़ाई के लिए जनता को आगे आना होगा, क्योंकि धर्मशाला कमजोर नेतृत्व के कारण विकास की दृष्टि से पिछड़ रहा है इसलिए इसे दूर करने के लिए जनता को एक संयुक्त मोर्चे पर संघर्ष करना होगा।
दो वक्ताओं के बीच हुई हल्की नोकझोंक
इस दौरान एक वक्ता ने कहा कि धर्मशाला में शिक्षा विभाग के पास इतनी जमीन थी कि इस पर एक नहीं दो-दो विश्वविद्यालय बनाए जा सकते थे लेकिन इसे किसी और ही मकसद से दे दिया गया। वक्ता का यह इशारा एचपीसीए स्टेडियम की ओर था। यह बात वहां मौजूद अन्य वक्ता को अखर गई। उन्होंने कहा कि आज धर्मशाला की पहचान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की बदौलत ही है।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में उप महापौर तेजेंद्र कौर, प्रधान जदरांगल बल्ला रीता देवी, उपप्रधान सुनील दत्त, रोटरी क्लब, लायंस क्लब, जन चेतना, व्यापार मंडल, जनक्रांति, पेंशनर्ज वेलफेयर एसोसिएशन, सेवानिवृत्त महाविद्यालय प्राचार्य एसोसिएशन, जदरांगल संघर्ष समिति, रेहड़ी-फड़ी यूनियन आदि संस्थाओं के पदाधिकारियों ने भाग लिया। इसमें मुख्य रूप से महेश, नितिन, डीके कपूर, सुरेंद्र, रमेश, अभिषेक, कैलाश वालिया, रमेश भट्ट, डीसी पद्दर, सुभाष, संसार मित्र, वाईके डोगरा, बीके कौल, डाॅ. अजय लखनपाल, प्रभात शर्मा, अनिल डोगरा, सत्यपाल सूद, विजय भारद्वाज, अश्वनी कौल, मूल राज शर्मा, सुनील धीमान, मुनीष लूथरा, एसडीओ अनिल शर्मा, सीके खौंसला, रवि डोगरा, मनमोहन सिंह पठानिया, श्रुति पाल शर्मा और अतुल भारद्वाज सहित अन्यों ने भाग लिया।