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हिमाचल में वन मंजूरी और आपसी रंजिश से फंसीं 70 गांवों की सड़कें
Sat, 31 Oct 2020 05:00 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 31 Oct 2020 05:00 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
वन मंजूरी और लोगों की आपसी रंजिश से प्रदेश के 70 गांवों में सड़कों का निर्माण रुका है। लोक निर्माण विभाग ने केंद्रीय वन मंत्रालय से क्लीयरेंस का मामला उठाया है। आपसी रंजिश के चक्कर में फंसी सड़कों को लेकर लोक निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक पंचायत और गांव के लोग सड़क में आने वाली जमीन लोक निर्माण विभाग के नहीं करते, तब तक काम शुरू नहीं किया जा सकता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि शपथपत्र लेने के बाद भी लोग जमीन देने से मुकर जाते हैं।
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सड़क का निर्माण रुकने से न तो गांव सड़क से जुड़ पाते हैं और विभाग का पैसा भी खर्च हो जाता है। ऐसे में विभाग ने शपथपत्र के बजाय जमीन विभाग के नाम करने की बात कही है। ऐसा करने से लोग निर्माण कार्य को नहीं रोक सकेंगे। केंद्र सरकार ने पीएमजीएसवाई के तहत प्रदेश सरकार को लाखों रुपये जारी किए हैं, लेकिन आपसी रंजिश के कारण सड़क निर्माण में बाधाएं उत्पन हो रही हैं। लोक निर्माण विभाग के ईएनसी भुवन शर्मा ने बताया कि सड़क बनाने के लिए जमीन विभाग के नाम करनी होगी।
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