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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Regulatory Commission: Tighten the screws on private nursing institutions, 12 documents checked on the first day

विनियामक आयोग: निजी नर्सिंग संस्थानों पर कसा शिकंजा, पहले दिन 12 के जांचे गए दस्तावेज

Tue, 26 Apr 2022 03:45 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 26 Apr 2022 03:45 AM IST
सार

 निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने दस्तावेजों की जांच के लिए कमेटी बनाई है। सभी संस्थानों के प्रतिनिधियों को 25 से 27 अप्रैल तक आयोग कार्यालय में रिकॉर्ड सहित बुलाया गया है। नियमों के खिलाफ खुले नर्सिंग संस्थानों के खिलाफ आयोग जांच कर रहा है।

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Regulatory Commission: Tighten the screws on private nursing institutions, 12 documents checked on the first day
निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में निजी नर्सिंग संस्थानों पर निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग का शिकंजा कस गया है। सोमवार को 12 संस्थानों के दस्तावेज जांचे गए। मंगलवार और बुधवार को भी संस्थानों के मान्यता, संबद्धता, बेड कैपेसिटी सहित अन्य आवश्यकता दस्तावेजों की जांच जारी रहेगी। आयोग ने दस्तावेजों की जांच के लिए कमेटी बनाई है। सभी संस्थानों के प्रतिनिधियों को 25 से 27 अप्रैल तक आयोग कार्यालय में रिकॉर्ड सहित बुलाया गया है। नियमों के खिलाफ खुले नर्सिंग संस्थानों के खिलाफ आयोग जांच कर रहा है।आरोप है कि प्रदेश में 20 से 40 बिस्तरों के अस्पतालों और प्राइमरी हेल्थ सेंटर से जुड़े संस्थानों को भी एनओसी जारी हुई है। विद्यार्थी और मरीजों का 1:3 अनुपात होने के नियम का पालन नहीं किया गया।नर्सिंग संस्थानों ने तीन से चार अस्पतालों से खुद को संबद्ध बताते हुए 150 बिस्तरों की संख्या दिखाते हुए नियमों को पूरा किया है।

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बीते तीन माह से आयोग शिकायतों की जांच में जुटा है। कई संस्थानों ने आयोग की ओर से मांगा ब्योरा समय से नहीं दिया है। कुछ संस्थानों ने अधूरी जानकारियां ही दी हैं। ऐसे में अब आयोग ने सभी संस्थानों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ कार्यालय में बुलाया है। अभी तक की जांच में खुलासा हुआ है कि कई संस्थानों में गवर्निंग बॉडी नहीं बनाई है। इंडियन नर्सिंग काउंसिल की ओर से भी कई मंजूरियां नहीं ली गई हैं। शिक्षकों की नियुक्ति भी काउंसिल के नियमों के अनुसार नहीं हुई है। जिन अस्पतालों से संस्थान संबद्ध हैं, वहां के बेडों का प्रकार और संख्या भी स्पष्ट नहीं है। आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने बताया कि सभी संस्थानों के रिकॉर्ड की जांच कमेटी ने पड़ताल शुरू कर दी है। तीन दिन तक दस्तावेजों की जांच जारी रहेगी। इसके बाद आयोग कमियों को तलाश कर आगामी कार्रवाई करेगा।
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तीन निजी नर्सिंग संस्थानों, एक सरकारी अस्पताल पर आज से चलेगा केस
शिमला। प्रदेश के तीन निजी नर्सिंग संस्थानों और एक सरकारी अस्पताल के खिलाफ मंगलवार से आयोग की अदालत में सुनवाई भी शुरू होगी। इन संस्थानों पर मान्यता प्राप्त करने के लिए गलत तरीके से अस्पतालों से संबद्धता लेने का आरोप है। सरकारी अस्पताल पर भी बिना जांच परख के कई नर्सिंग संस्थानों को खुद से जुड़े होने का प्रमाणपत्र देने का आरोप है। 

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