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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Quality control test of coronavirus nasal vaccine in Central Drugs Laboratory Kasauli

CDL Kasauli: कसौली में कोरोना की नेजल वैक्सीन का इसी सप्ताह होगा क्वालिटी व कंट्रोल टेस्ट

Thu, 05 Jan 2023 10:11 AM IST
अरविन्द ठाकुर आदित्य सोफत, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
आदित्य सोफत, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Thu, 05 Jan 2023 10:11 AM IST
सार

क्लीनिकल ट्रायल करने पर भारत बायोटेक की नेजल वैक्सीन कोरोना के खिलाफ कारगर साबित हुई है और कोविड-19 के खिलाफ म्यूकोसेल इम्युनिटी मिलती है।

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Quality control test of coronavirus nasal vaccine in Central Drugs Laboratory Kasauli
सेंट्रल ड्रग्स लैबोरेटरी कसौली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन बीएफ 7 की देश में दस्तक के बीच भारत बायोटेक की नेजल वैक्सीन के बैच क्वालिटी और कंट्रोल टेस्ट के लिए सेंट्रल ड्रग्स लैबोरेटरी (सीडीएल) कसौली पहुंचेंगे। सीडीएल से मान्यता मिलने के बाद यह पहली ऐसी वैक्सीन होगी, जिसे नाक से दिया जाएगा। हाल ही में ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने इस वैक्सीन के आपात इस्तेमाल की मंजूरी दी है।

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वैक्सीन का कसौली की लैब में गहनता से परीक्षण होगा। कंपनी इस सप्ताह जांच के लिए बैच लैब में भेजेगी। लैब से ग्रीन टिक मिलने के बाद ही लोगों के लिए वैक्सीन बाजार में उपलब्ध होगी। भारत में कोरोना वैक्सीनेशन की रफ्तार को तेज करने के लिए केंद्र सरकार लगातार काम कर रही है। भारत में इंट्रा मस्कुलर कोरोना वैक्सीन के बाद अब नाक से लेने वाली वैक्सीन का उत्पादन भी शुरू हो गया है।
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तीन चरणों में क्लीनिकल ट्रायल होने के बाद इस खुराक को डीसीजीआई ने मान्यता दी है। क्लीनिकल ट्रायल करने पर यह वैक्सीन कोरोना के खिलाफ कारगर साबित हुई है और कोविड-19 के खिलाफ म्यूकोसेल इम्युनिटी मिलती है। गौर रहे कि भारत में निर्मित हर वैक्सीन को बाजार में उतरने से पहले सीडीएल कसौली में जांच के लिए भेजा जाता है। यहां से ग्रीन टिक मिलने के बाद ही वैक्सीन बाजार में आती है।
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बूस्टर के रूप में हो सकता है इस्तेमाल
नाक से दी जाने वाली इस नेजल वैक्सीन का इस्तेमाल बूस्टर डोज के रूप में भी किया जा सकता है। इसे ज्यादा कारगर इसलिए भी माना जाता है, क्योंकि कोरोना समेत हवा से फैलने वाली अधिकांश बीमारियों के संक्रमण का रूट प्रमुख रूप से नाक ही होती है।


निजी अस्पतालों में करीब 1,000 और सरकारी में 325 रुपये होगी कीमत
केंद्र सरकार के अनुसार निजी अस्पतालों में इसकी एक डोज की कीमत 800 रुपये होगी। इसके अलावा पांच फीसदी जीएसटी देना होगा। निजी अस्पतालों को एक डोज के लिए 150 रुपये का प्रशासनिक चार्ज लगाने की भी मंजूरी है। इस प्रकार इस वैक्सीन की एक खुराक की कीमत फिलहाल लगभग 1000 रुपये पड़ेगी। वहीं सरकारी अस्पतालों में इस वैक्सीन की कीमत 325 रुपये होगी।

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