फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Progressive Apple Growers Association suggestions to the himachal govt regarding C grade apples

बागवान संघ का सरकार को सुझाव, सी ग्रेड सेब बाजार में नहीं जाए तो सुधरेंगे रेट

Wed, 01 Sep 2021 07:26 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 01 Sep 2021 07:26 PM IST
सार

प्रोग्रेसिव एप्पल ग्रोवर एसोसिएशन के अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि मौजूदा समय में सी ग्रेड सेब भी मार्केट में पहुंच रहा है। इस कारण अच्छे सेब को भी बढ़िया रेट नहीं मिल पा रहे। मंडी मध्यस्थता योजना में सरकार 9.50 पैसे प्रतिकिलो की दर से सेब खरीद रही है।

विज्ञापन
Progressive Apple Growers Association suggestions to the himachal govt regarding C grade apples
संघ अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह बिष्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

‘सी ग्रेड’ सेब अगर मार्केट में जाना बंद हो जाए तो ‘ए और बी’ ग्रेड सेब के रेट सुधर सकते हैं। प्रोग्रेसिव एप्पल ग्रोवर एसोसिएशन ने सरकार को सुझाव दिया है कि सी ग्रेड सेब को मार्केट में जाने से रोकने के लिए कदम उठाने की जरूरत है। जब मार्केट में ‘ए और बी’ ग्रेड सेब ही पहुंचेगा तो रेट में सुधार आएगा। अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि मौजूदा समय में सी ग्रेड सेब भी मार्केट में पहुंच रहा है। इस कारण अच्छे सेब को भी बढ़िया रेट नहीं मिल पा रहे।मंडी मध्यस्थता योजना में सरकार 9.50 पैसे प्रतिकिलो की दर से सेब खरीद रही है। निम्न गुणवत्ता वाले इस सेब को परवाणू में बोली के बाद डेढ़ से ढाई रुपये प्रतिकिलो के दाम पर बेचा जाता है।

विज्ञापन


जिसके बाद यह सेब दोबारा मार्केट में पहुंच जाता है। जिसके कारण अच्छे सेब की मार्केट भी गिर रही है। यदि इस सेब को बागवानों से खरीदने के बाद नष्ट कर दिया जाए और सी ग्रेड के सेब को बोरी के स्थान पर पेटी में पैक कर जूस और जैम बनाने के लिए प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंचाया जाए तो फायदेमंद रहेगा। मौजूदा समय में बागवान सी ग्रेड सेब को पेटियों में पैक कर मंडियों में भेज रहे हैं। गुणवत्ता सही न होने के कारण मंडियो में ऐसे सेब को सही दाम नहीं मिल रहे साथ ही अच्छे सेब के रेट भी प्रभावित हो रहे हैं। अगर यह व्यवस्था लागू होती है तो सरकार का सी ग्रेड सेब स्टोर करने और ऑक्शन का खर्चा भी बचेगा।
विज्ञापन


एमआईएस के जरिये सेब खरीद में केंद्र करे सहयोग
वहीं, असंगठित कामगार कांग्रेस राज्य अध्यक्ष और नगर निगम शिमला के पूर्व पार्षद सुरेंद्र चौहान ने कश्मीर की तर्ज पर एमआईएस के जरिये नेफेड, एचपीएमसी और हिमफैड के माध्यम से सेब खरीद की मांग उठाई है। मौजूदा समय में 9.50 रुपये प्रतिकिलो प्रदेश सरकार खरीद कर रही है। 20 रुपये प्रतिकिलो केंद्र सरकार वहन करे। 30 रुपये प्रतिकिलो सी-ग्रेड का सेब खरीदा जाए। ऐसा होने से कॉरपोरेट कंपनियों की मनमानी पर रोक लगेगी ओर वन नेशन वन लॉ का सिद्धांत भी लागू होगा। सुरेंद्र चौहान ने प्रदेश सरकार से सब्जी और सेब उत्पादकों की ओर से अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने, बाजार से खरीद कर खाद बागीचों तक पहुंचाने के लिए इस्तेमाल की जा रही डबल कैबिन कैंपर यूटीलिटी वाहनों को एग्रीकल्चर व्हीकल या प्राइवेट व्हीकल की श्रेणी में लाने की मांग उठाई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed