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Solan News: सरकारी राजस्व को 9.50 करोड़ का नुकसान पहुंचाने पर अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू
Fri, 23 Dec 2022 01:14 PM IST
अरविन्द ठाकुर
ओमपाल सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, बद्दी (सोलन)
ओमपाल सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, बद्दी (सोलन)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 23 Dec 2022 01:14 PM IST
सार
प्रधान सचिव सुभाष पांडा ने बताया कि सरकार ने इस मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए उक्त अधिकारी के खिलाफ सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के लिए विभागीय जांच बैठा दी गई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने पर आबकारी एवं कराधान विभाग के एक आला अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। एसएस लाइफ साइंस नाम की एक फर्जी कंपनी ने जनवरी 2020 में प्रदेश के 40 फार्मा उद्योगों से मिलकर 25 करोड़ के जीएसटी फर्जीवाड़े का मामला उजागर हुआ था। इस दौरान तत्कालीन संयुक्त निदेशक ने इन फार्मा उद्योगों पर शिकंजा कसा और 7 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में जमा हुए।
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इस मामले में एक रोचक मोड़ उस समय आया, जब विभाग के आयुक्त यूनुस खान के संज्ञान में आया कि चार फर्मों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को एक अधिकारी की ओर से निरस्त कर दिया गया। आयुक्त ने मामले की जांच के लिए एक उच्च अधिकारियों की टीम का गठन किया। टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट में खुलासा किया कि इन चार मामलों में उच्च अधिकारी के आदेश पूरी तरह से अवैध हैं। इससे सरकारी खजाने को 9.50 करोड़ रुपये का चूना लगा है।
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हालांकि, अब नई सरकार के सामने यह चुनौती है कि उक्त अधिकारी जिसके विरुद्ध संगीन मामले में विभागीय जांच चल रही है, उसे उच्च पद पर कैसे रखा जा सकता है। उधर, आबकारी एवं कराधान विभाग के प्रधान सचिव सुभाष पांडा ने बताया कि सरकार ने इस मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए उक्त अधिकारी के खिलाफ सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के लिए विभागीय जांच बैठा दी गई है। जांच पूरी होने पर यदि वह दोषी पाया जाता है तो नियमों के तहत कार्रवाई होगी।
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