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शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग: निजी शैक्षणिक संस्थान जांच में बाधक बने तो दर्ज होगा मामला
Wed, 06 Oct 2021 10:38 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 06 Oct 2021 10:38 AM IST
सार
हिमाचल हाईकोर्ट की वर्ष 2014 में आई जजमेंट के आधार पर राज्य शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने मंगलवार से जांच शुरू कर दी है। 12 बिंदुओं पर जांच की जानी है। कुछ संस्थानों पर पैसा लेकर विद्यार्थियों को नकल करवाने और विद्यार्थियों से निजी कार्य करवाने का आरोप भी है।
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हिमाचल निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के 451 निजी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता जांचने के लिए गठित टीमों के काम में बाधक बनने वाले निजी संस्थानों पर हाईकोर्ट की अवमानना का केस चलेगा। हिमाचल हाईकोर्ट की वर्ष 2014 में आई जजमेंट के आधार पर राज्य शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने मंगलवार से जांच शुरू कर दी है। 12 बिंदुओं पर जांच की जानी है। कुछ संस्थानों पर पैसा लेकर विद्यार्थियों को नकल करवाने और विद्यार्थियों से निजी कार्य करवाने का आरोप भी है।
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जांच के लिए आयोग की टीम प्रदेश के दौरे पर निकल गई है। जांच टीम में शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारियों को शामिल किया गया है। संस्थानों की जांच के लिए आयोग के एक्ट की धारा नौ के तहत कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई संस्थान जांच टीम को अपने परिसर में प्रवेश करने से रोकता है या जांच में सहयोग नहीं करता है तो ऐसे संस्थानों के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का केस चलाया जाएगा।
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हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को इसकी रिपोर्ट भी आयोग की ओर से दी जाएगी। आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जा सकता है। कुछ संस्थानों ने सरकार के नियम-कानून ताक पर रख दिए हैं। पैसा लेकर नकल करवाने की शिकायतें भी आयोग के पास आई हैं। ऐसे में अब सख्ती बरतने का समय आ गया है।
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