Presidential Candidate: राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू बोलीं- देश के लिए मैं जो कुछ कर सकूंगी, वह करूंगी
राष्ट्रपति पद के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के बद्दी से अपना प्रचार अभियान शुरू किया। बद्दी के किशनपुरा स्थित एक निजी होटल में उन्हें अपना समर्थन देने के लिए प्रदेश भाजपा विधायक दल ने बैठक आयोजित की थी।
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राष्ट्रपति पद के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि राष्ट्रपति बनने के बाद देश के लिए मैं जो कुछ कर सकूंगी, वह करूंगी, क्योंकि मेरा आगे-पीछे कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरी एक बेटी है, जो सर्विस करती है, उसका मुझ पर कोई भार नहीं। मुर्मू ने कहा कि मेरी जिंदगी सादी है। अगर मैं अच्छा नहीं बन पाई तो बुरा भी नहीं बनूंगी। मुर्मू ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के बद्दी से अपना प्रचार अभियान शुरू किया। बद्दी के किशनपुरा स्थित एक निजी होटल में उन्हें अपना समर्थन देने के लिए प्रदेश भाजपा विधायक दल ने बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में मुर्मू विशेष रूप से पहुंचीं थीं। यहां उन्हें प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पार्टी विधायकों, लोकसभा और राज्यसभा सांसदों ने अपना समर्थन दिया। मुर्मू ने कहा कि मैं सौभाग्यशाली हूं कि अपने प्रचार अभियान की शुरुआत करने का मौका मुझे हिमाचल की पावन धरती से मिला।
मुझे लगता है कि पूर्व जन्म में मैं हिमाचल में ही पैदा हुई थी। इसलिए मेरी इस तपस्या का रास्ता यहीं से शुरू हुआ। होटल के बंद कमरे में डेढ़ घंटे तक चली बैठक में द्रौपदी मुर्मू ने भाजपा विधायक दल और सांसदों से कहा कि मुझे शत-प्रतिशत विश्वास है कि आप अपना समर्थन मुझे देंगे। आप सबका सहयोग अपेक्षित है, तभी मेरी जीत संभव होगी। अपने 25 मिनट के संबोधन में उन्होंने अपने जीवन के संघर्ष के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि देश को संपन्न बनाने के लिए सभी को एकजुट होने की जरूरत है। मुर्मू ने हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार, पहाड़ी गांधी बाबा कांशी राम, देश के पहले परमवीर चक्र विजेता कांगड़ा के मेजर सोमनाथ शर्मा के अलावा कारगिल में शहीद हुए परमवीर चक्र विजेता कैप्टन बिक्रम बतरा, सूबेदार संजय कुमार और लेफ्टिनेंट सौरभ कालिया को याद किया और कहा कि उन्होंने हिमाचल का मस्तक ऊंचा किया है। उन्होंने हिमाचल के हैंडीक्राफ्ट और कुल्लू शॉल की भी सराहना की।
ओडिशा से जगन्नाथ यात्रा, हिमाचल से मेरे प्रचार की शुरुआत
द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि मैं ओडिशा से हूं और यह भी संयोग है कि वहां शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शुरू हुई है और हिमाचल प्रदेश में मेरे प्रचार अभियान की शुरुआत हुई। इसलिए भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद उन्हें मिल गया है।
घर बैठे फोन आया कि आपको राष्ट्रपति बनना है
मुर्मू ने कहा कि मैंने अपने जीवन की शुरुआत क्लर्क की नौकरी से की थी। बाद में पारिवारिक समस्या के चलते नौकरी छोड़ दी। उसके बाद कभी कुछ मांगा नहीं, जो मिला वह खुद मिला। जब मुझे मंत्री बनाया गया तो यह पता नहीं था कि कितने विभाग उनके पास आएंगे, लेकिन चैलेंज स्वीकार किया और उसमें बेहतर करके दिखाया। मुझे अभी भी पता नहीं था। मैं घर पर बैठी थी तो फोन आया कि आपको राष्ट्रपति बनना है। मैंने बोला क्या-क्या बनाएंगे मुझे।
मेरा जीवन संघर्ष भरा
मुर्मू ने कहा कि मेरा जीवन संघर्ष से भरा रहा है। मेरी संस्कृति हिमाचल से अलग है। मैं ओडिशा के आदिवासी क्षेत्र से हूं। वहां रास्तों का ठिकाना नहीं था। 2004 में जब मैं मंत्री बनीं, तब वहां पर बिजली आई। बारिश में वहां पर नदी में लबालब पानी आ जाता था तो किसी मां का बच्चा बीमार हो जाए तो उसे अस्पताल ले जाने के लिए 10-10 दिन तक पानी कम होने का इंतजार करना पड़ता था। यहां तक कि किसी की नौकरी लग जाती थी तो अप्वाइंटमेंट लेटर भी कई दिनों बाद मिलता था। मंत्री बनने के बाद मैंने वहां पर पुल बनवाया।
गवर्नर विश्वविद्यालयों और कॉलेजों तक सिमट जाते
मुर्मू ने कहा कि मैं गवर्नर रह चुकी हूं। गवर्नर विश्वविद्यालय का चांसलर होता है और वह विवि और कॉलेज तक सिमट कर रह जाता है। विवि और कॉलेज को विकसित करके कोई फायदा नहीं, जब तक ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को डेवलप नहीं करेंगे। गवर्नर रहते हुए मैं सरपंच की तरह गांव-गांव में घूमकर बच्चों की शिक्षा और लोगों के लिए कार्य करती रही। लोगों ने मुझे बोला कि यह गरिमामयी पद है, मगर प्रधानमंत्री बोले आप घूमते रहिए। आपको हर जगह जाना है।
भारी मतों से जीत दर्ज करेंगी मुर्मू : जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दावा किया कि एनडीए के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू भारी मतों से जीत दर्ज करेंगी। पूरे प्रदेश में एनडीए दल उनका समर्थन कर रहा है और हिमाचल के भाजपा विधायकों और सांसदों ने उन्हेें समर्थन देने का भरोसा दिलाया है। राष्ट्रपति चुनाव के नामांकन के लिए चार सेट भरे गए, जिनमें एक सेट हिमाचल भाजपा विधायक दल ने भरा है। राष्ट्रपति चुने जाने के बाद उन्होंने हिमाचल आने की बात कही है। भाजपा विधायक दल की बैठक में मंडी पार्टी के विधायक अनिल शर्मा नहीं पहुंचे थे।